जांजगीर। जिले में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की अनियमित बिक्री को रोकने पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक दीपक झा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप द्वारा जिले के मेडिकल संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्हें शेड्यूल एच वन और अन्य नशीली दवाओं की बिक्री पर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जिले में करीब 750 से अधिक मेडिकल दुकानें संचालित हो रही हैं और इन दुकानों से कुछ मामलों में बिना पर्ची के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यह स्थिति समाज विशेषकर युवाओं के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य व्यापार को बाधित करना नहीं, बल्कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री को जड़ से समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि कई युवा, बिना जानकारी के इन दवाओं की चपेट में आ रहे हैं और अपराध की ओर बढ़ रहे हैं। यह सामाजिक बुराई है और इससे निपटना सबकी जिम्मेदारी है। बैठक में प्रांतीय औषधि विक्रेता संघ छत्तीसगढ़ के नरेश अग्रवाल, अविनाश शर्मा (अध्यक्ष), जितेंद्र केसरवानी (उपाध्यक्ष), दीपक गोयल (कोसा अध्यक्ष), नरेश अग्रवाल (पूर्व अध्यक्ष), नगर पुलिस अधीक्षक कविता ठाकुर, और जिले के ड्रग इंस्पेक्टर भुनेश्वर मोहले प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।