
अनाथ बच्चों के विवाहोपरांत आशीर्वाद समारोह का सफल आयोजन
कोरिया बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के सोनहत में आयोजित एक विशेष आशीर्वाद समारोह ने सामाजिक संवेदना, संस्कार और एकजुटता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने उपस्थित हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। दो अनाथ बच्चों के विवाह उपरांत आयोजित इस समारोह में पूरा क्षेत्र एक परिवार की तरह एकजुट दिखाई दिया। माता-पिता के साये के बिना जीवन की नई पारी शुरू कर रहे नवदंपति के लिए यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज की ओर से स्नेह, सुरक्षा और सहयोग का सशक्त आश्वासन था। इस अवसर पर कोरिया-बैकुंठपुर के विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री भैयालाल राजवाड़े स्वयं समारोह में उपस्थित होकर नवदंपति को आशीर्वाद देने पहुंचे। उनके आगमन से कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि समाज का साथ और बड़ों का आशीर्वाद मिल जाए तो हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र का हर व्यक्ति नवदंपति के सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहेगा। उनके प्रेरक और स्नेहिल शब्दों ने नवदंपति के मन में आत्मविश्वास और नई ऊर्जा का संचार किया। समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने नवदंपति को उपहार, आशीर्वाद और शुभकामनाएं देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जिस आत्मीयता और अपनत्व के साथ लोगों ने इन बच्चों को गले लगाया, वह दृश्य अत्यंत मार्मिक था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा सोनहत ही उनके माता-पिता और अभिभावक की भूमिका निभा रहा हो। गांव की महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दंपति का स्वागत किया, वहीं युवाओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि समाज की असली ताकत उसकी संवेदनशीलता और एकता में निहित होती है। अनाथ बच्चों के जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर जिस प्रकार क्षेत्रवासियों ने सहभागिता निभाई, वह सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का प्रेरक उदाहरण है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और जरूरतमंदों को यह विश्वास दिलाते हैं कि वे अकेले नहीं हैं। नवदंपति ने भावुक होकर सभी उपस्थित जनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें आज यह अनुभव हुआ कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है और यही उनके लिए सबसे बड़ा संबल है। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से नवदंपति के सुखद, सफल और समृद्ध दांपत्य जीवन की कामना की गई।

















