
नईदिल्ली, २० फरवरी ।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि एआई इंपैक्ट समिट के दौरान सीईओ राउंडटेबल में हुई चर्चाएं समझदारी भरी, आगे का सोच वाली और ग्रोथ के अवसर खोलने पर फोकस थीं।पीएम मोदी ने पोस्ट में कहा, सीईओ राउंडटेबल में एआई, तकनीक और नवाचार की दुनिया के अलग-अलग हितधारक एक साथ आए। चर्चाएं समझदारी भरी और आगे का सोच वाली थीं, जो एआई को जिम्मेदारी से बढ़ाने, वैश्विक सहयोग को मजबूत करने और ग्रोथ के अवसरों को खोलने पर फोकस थीं।इससे पहले समिट के लीडर्स प्लेनरी सेशन में अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि यह समिट एक मानव केंद्रित और संवेदनशील वैश्विक एआई ईकोसिस्टम बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। इतिहास बताता है कि इंसानियत ने हमेशा मुश्किलों को मौकों में बदला है और आज मुश्किलों को इंसानियत के सबसे बड़े मौके में बदलने का एक और ऐसा ही अवसर है। पीएम मोदी ने भगवान बुद्ध की सीख को याद करते हुए कहा कि सही काम सही समझ से होता है और एक ऐसा रोडमैप बनाने की अहमियत पर जोर दिया जो समय पर, अच्छे इरादे वाले और सही फैसलों के जरिये एआई का सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित करे।उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान दुनिया ने देखा कि जब देश एक साथ खड़े होते हैं, तो नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है। तकनीक ने पहले विभाजन पैदा किया था, लेकिन अब एआई आसानी से मिलनी चाहिए और सबकी पहुंच में होनी चाहिए। जब एआई के भविष्य पर बात हो रही है, तो ग्लोबल साउथ की उम्मीदों और आवश्यकताओं को एआइ गवर्नेंस के केंद्र में रखा जाना चाहिए। यह ग्लोबल साउथ के लिए गर्व की बात है कि यह समिट भारत में हो रही है। पीएम मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एआई के लिए एक नेचुरल हब के तौर पर उभर रहा है, जिसके लिए एक मजबूत डिजिटल आधार, सुरक्षित बुनियादी ढांचा और जीवंत स्टार्टअप ईकोसिस्टम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआई माडल और एप्लिकेशन लांच किए हैं। ये माडल हमारे युवाओं की प्रतिभाओं को दिखाते हैं। ये उन साल्यूशन को भी दिखाते हैं जो भारत दुनिया को दे रहा है। पीएम मोदी ने कहा, भारत में विविधता, जनसंख्या और लोकतंत्र है। जो एआई माडल भारत में सफल हो सकता है, वह दुनियाभर में सफल हो सकता है। भारत में डिजायन और विकसित करें। दुनिया को दें, इंसानियत को दें। साथ ही कहा, हमें एआई को खुला आसमान देना होगा, लेकिन साथ ही हमें लगाम अपने हाथों में रखनी होगी।


























