
नईदिल्ली, १३ मार्च ।
अमेरिका-इजरायल के साथ जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने गुरुवार को अपने पहले सार्वजनिक बयान में कड़े तेवर दिखाते हुए ऐलान किया कि दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शहीदों और बच्चों के खून का बदला लिए बिना ईरान पीछे नहीं हटेगा। अमेरिका के सैन्य अड्डों पर हमले जारी रहेंगे। वहीं, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने युद्ध समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रख दी हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अमेरिका और इजरायल को ईरान के अधिकारों को मान्यता देनी होगी, युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी और भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गारंटी देनी होगी। होर्मुज में ईरानी हमलों के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डालर प्रति बैरल को पार कर गईं। अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने साफ कर दिया है कि अमेरिकी नौसेना फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा देने की स्थिति में नहीं है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार दावे कर रहे हैं कि वह ये लड़ाई जीत चुके हैं।अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए अपने पिता सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश की कमान संभालनेवाले मोजतबा खामेनेई ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को संघर्ष में एक बड़े दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस जलमार्ग को बंद रखने की रणनीति जारी रहनी चाहिए, ताकि विरोधी देशों पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका को अपने सभी सैन्य अड्डे बंद करने होंगे। मोजतबा खुद सामने नहीं आए और उनके बयान को सरकारी टीवी पर पढ़ा गया। बताया जा रहा है कि वह भी हमले में घायल हुए हैं। ईरानी जनता को संबोधित करते हुए खामेनेई ने कहा कि अब तक दुश्मन से बदले की केवल सीमित कार्रवाई ही हो पाई है, लेकिन जब तक पूरा हिसाब नहीं हो जाता, संघर्ष जारी रहेगा।उन्होंने कहा कि युद्ध में मारे गए हर ईरानी नागरिक का बदला लिया जाएगा, जिसमें मीनाब स्थित स्कूल में मारी गई बच्चियां भी शामिल हैं।खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों से युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। यदि वे ऐसा करने से इनकार करते हैं तो ईरान उनके हितों और संपत्तियों को निशाना बनाएगा या उतना ही नुकसान पहुंचाएगा जितना ईरान को हुआ है। उन्होने नागरिकों से भी एकजुट रहने की अपील की। साथ ही लेबनान के संगठन हिजबुल्ला और यमन के हूती विद्रोहियों का भी समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से कोई भी जहाज हिलने की कोशिश न करे, वरना निशाना बना दिया जाएगा। आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने अब तक 17 तेल टैंकरों को निशाना बनाया है, जिसमें दो अमेरिकी टैंकर भी शामिल हैं। हालांकि, अब तक 19 जहाज क्षतिग्रस्त हुए हैं। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नौसेना बल के प्रमुख रियर एडमिरल अलीरेजा तांगसीरी ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी तेल टैंकर को गुजरने से पहले ईरान की मंजूरी जरूरी होगी। उन्होंने कहा कि आदेश का उल्लंघन करने पर दो जहाजों को निशाना बनाया गया है।
खामेनेई के बयान के साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल जहाजों पर दबाव बढ़ा दिया है।गुरुवार को इराक के तट के पास पांच तेल टैंकरों पर हमले के बाद भीषण आग लग गई, जिसके बाद इराक और ओमान ने अपने कुछ तेल टर्मिनल अस्थायी रूप से बंद कर दिए। ये हमले अमेरिकी, यूरोपीय, जापानी, थाईलैंड और एक अन्य जहाज पर हमले किए गए। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने चेतावनी दी है कि यह संकट वैश्विक तेल आपूर्ति में इतिहास का सबसे बड़ा व्यवधान बन सकता है। तेल बाजार में घबराहट के बीच अमेरिका और अन्य बड़े देशों ने बुधवार को अपने रणनीतिक भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने की घोषणा की, ताकि कीमतों को नियंत्रित किया जा सके।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार ईरान के भीतर अब तक 32 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। अब तक लगभग 2000 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकांश ईरानी नागरिक हैं। लेबनान में आठ लाख लोग विस्थापित हुए हैं।इजरायल ने गुरुवार को भी ईरान के सरकारी ढांचे और सैन्य ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के सैन्य अड्डों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए।लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हुई है। वहीं इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में लोगों को खाली करने का आदेश जारी कर दिया है, क्योंकि वहां हिजबुल्ला के खिलाफ सैन्य अभियान तेज करने की तैयारी है।खाड़ी देशों में हमले तेज हमले शुरू होने के 13वें दिन खाड़ी देशों ने भी हमलों को नाकाम करने का दावा किया है।कतर ने एक मिसाइल हमले को रोका, जबकि सऊदी अरब ने अपने विशाल शैबा तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे दो ड्रोन मार गिराए। दुबई की तरफ आ रहे दो ईरानी ड्रोनों को मार गिराया गया है।कुवैत ने कहा कि ईरानी ड्रोन ने हवाईअड्डे पर हमला किया, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। ड्रोन इंटरसेप्शन की वजह से गिरे मलबे से बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई।बहरीन में भी मिसाइल अलर्ट के सायरन सुने गए, तो इजरायल ने कहा कि ईरानी मिसाइलों को हवा में नाकाम किया गया। इराक के इर्बिल और कुर्दिस्तान में इटली के सैन्य अड्डे को भी ईरानी हमले में नुकसान पहुंचा है।





















