मिड-डे मिल की किचन में तय स्टॉक से ज्यादा मिला राशन, अनियमितता पर होगी कार्रवाई

नईदिल्ली, 0३ फरवरी ।
एमसीडी के स्कूलों में पढ़ रहे छात्रों को तय मानकों पर मिड-डे मील मिल रहा है या नहीं इस पर गोदाम में तय मात्रा से ज्यादा राशन मिलने पर सवाल खड़े हो गए हैं। एमसीडी की शिक्षा समिति के डिप्टी चेयरमैन अमित खरखरी ने मिड-डे मिल उपलब्ध कराने वाली रसोई व गोदाम में औचक निरीक्षण के दौरान यह मामला पकड़ा है। खरखरी के अनुसार मुंडका में चलने वाली में जो स्वयंसेवी संस्था मिड-डे मिल उपलब्ध करा रही है। वह तय मानकों पर उपलब्ध नहीं करा रही है। क्योंकि अतिरिक्त राशन जब ही मिल सकता है तब कि बच्चों तक तय मात्रा में मिड-डे मिल नहीं पहुंच रहा हो। यह संस्थाएं नरेला और रोहिणी जोन के निगम स्कूलों में बच्चों मिड-डे मिल उपलब्ध कराती है।
खरखरी ने बताया दलित मानव उत्थान समिति द्वारा संचालित मिड डे मील किचन में आयल कैचर उपलब्ध नहीं पाया गया। जो कि स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त संस्था का स्टाक रजिस्टर भी निरीक्षण के समय मौके पर उपलब्ध नहीं पाया गया, जिससे कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।इसी क्रम में भारतीय मानव कल्याण परिषद के एफसीआइ स्टाक का निरीक्षण किए जाने पर यह पाया गया कि संबंधित गोदाम तय मानकों के अनुसार निर्धारित स्थान से लगभग तीन से चार किलोमीटर दूर स्थित है। प्रत्यक्ष सत्यापन के दौरान लगभग 750 क्विंटल गेहूं तथा 150 क्विंटल चावल अतिरिक्त मात्रा में पाया गया, जो सरकारी अभिलेखों से मेल नहीं खाता।शिक्षा समिति के डिप्टी चेयरमैन ने कहा कि मिड डे मील योजना सीधे तौर पर बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और भविष्य से जुड़ी हुई है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभाग को जांच करके कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

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