10 हजार से अधिक बच्चों ने भी देखी नगर निगम द्वारा आयोजित रामलीला

कोरबा । हमारे भारत की करोड़ों वर्ष पुरानी संस्कृति, हमारी सनातन संस्कृति, हमारी विरासत, धर्म व अध्यात्म, इन्हें सहेजना, इनके ध्वजवाहक बनना, निश्चित रूप से सौभाग्य का विषय है। इस विषय पर एक छोटा सा प्रयास किया नगर निगम कोरबा ने हमारी पुरातन संस्कृति के अभिन्न अंग श्रीरामलीला के आयोजन किया, जिसे दर्शकों का अपार स्नेह मिला। बताया जा रहा हैं की 10 हजार से अधिक बच्चों ने भी रामलीला देखी, अपनी पुरातन संस्कृति से, मर्यादा पुरूषोत्तम की मर्यादाओं से, उनके द्वारा स्थापित आदर्शो से परिचित हुए, निश्चित रूप से यही बच्चे भविष्य में भारतीय संस्कृति के ध्वजवाहक बनेंगें।
प्रदेश के मंत्री सह नगर विधायक लखनलाल देवांगन की प्रेरणा, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के प्रयास एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की देख रेख में, नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा कोरबा में भव्य रामलीला व दशहरा उसत्व आयोजन की योजना बनी तथा इस हेतु गठित आयोजन समिति के सचिव अशोक चावलानी, पार्षद नरेंद्र देवांगन व हितानंद अग्रवाल, नोडल अधिकारी अखिलेश शुक्ला व पवन वर्मा के साथ मिलकर निगम के पार्षदगणों व अधिकारी कर्मचारियों ने अपने भगीरथ प्रयासों से आयोजन को अमलीजामा पहनाया। 28 सितंबर से 02 अक्टूबर तक कोरबा के घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबडेकर ओपन थियेटर मैदान में भव्य श्रीरामलीला व दशहरा उसत्व मेला का आयोजन हुआ, जिसमे बनारस की सुप्रसिद्ध देवशक्ति इंटरटेनमेन्ट रामलीला मंडली ने श्रीरामलीला का ऐसा दिव्य व मनोमुग्धकारी मंचन दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया, कि वे भावविभोर होकर श्रीराम भक्ति रस के सागर में गोते लगा भक्ति रस से सराबोर होते रहे। इस आयोजन की महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि सोशल मीडिया के इस दौर में जब हर पल-हर हाथ में मोबाईल और नजरे मोबाईल पर रहती हैं, तब लगातार 04 घंटों तक लोग मोबाईल से दूरी बनाकर, केवल और केवल श्रीराम भक्ति में लीन रहे, मर्यादा पुरूषोत्तम की मर्यादाओं को उनके आदर्शो को आत्मसात करते रहें, उनके जीवन चरित्र को हृदयंगम करते रहें। दर्शकों की इसी अपार भीड़ में लगभग 10 हजार से अधिक बच्चे भी थे, जो रील्स एवं सोशल मीडिया की दुनिया से निकलकर भारत की पुरातन संस्कृति व मर्यादाओं से परिचित होते रहे, यहीं बच्चे आगे चलकर भविष्य में भारतीय संस्कृति व विरासत के ध्वजवाहक बनेंगे, संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के संवाहक होंगे, इसमें कोई संदेह नहीं, इनमें से अधिकांश बच्चों ने पहली बार रामलीला देखी थी, जो उनके बालहृदय पर अमिट छाप छोड़ गई।
बनारस की सुप्रसिद्ध श्रीरामलीला मण्डली देवशक्ति इंटरटेनमेन्ट द्वारा रामलीला का दिव्य मंचन इस आयोजन की सबसे प्रमुख विशेषता रही, उक्त संस्था 400 से अधिक कार्यक्रम देश व विदेश में अब तक कर चुकी है, संस्था के सदस्य नेशनल स्कूल आफ ड्रामा से प्रशिक्षित है तथा इनसे कई कलाकारों ने टी.वी. सीरियल्स में भी अपना सशक्त अभिनय किया है।

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