राम नाम श्रृंखला के साथ मातृशक्ति का हुआ संगम

कोरबा। वर्ष 2025 की विदाई से ठीक पहले कोरबा जिले में गजब का वातावरण देखने को मिला। हजारों की संख्या में मातृशक्ति सिर पर रामनाम लेखन पुस्तक के साथ चली तो लोग देखते रह गए। यह नजारा था ओपन थिएटर से दशहरा मैदान आरपी नगर तक। इस रास्ते पर सनातन के स्वर जमकर गूंजे।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में कोरबा जिले ने तीन अरब, 33 करोड़ 33 लाख राम लेखन महायज्ञ को हाथ में लिया। पिछले महीने इस आयोजन की रूपरेखा बनी और फिर इसे कई चरण में क्रियान्वित किया गया। इस अभियान को सहयोग करने के लिए लोगों ने अपने स्तर पर भूमिका निभाई। पुस्तिका वितरण के बाद इनमें राम नाम लिखने के लिए भिन्न-भिन्न आयु वर्ग के लोगों ने उत्साह दिखाया। अगली कड़ी में ये पुस्तिकाएं शहर और दूर-दराज से एकत्र हुई और कोरबा पहुंची। घंटाघर चौक से दशहरा मैदान आरपी नगर तक मातृशक्ति द्वारा निकाली गई विशाल एवं भव्य कौशल्या यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। सुभाष चौक पर भाजपा ने स्वागत कार्यक्रम रखा। कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, मेयर संजूदेवी राजपूत, जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी सहित अन्य नेताओं ने पुष्पवर्षा की। मुख्य कार्यक्रम दशहरा मैदान में हुआ जिसमें दक्षिण भारत की नेत्री माधवी लता मुख्य अतिथि थी। हिंदू सम्मेलन 2025 में दुर्गा शक्ति सभा से पहले एक मंच पर वैदिक मंत्रोच्चार और हवन पूजन के साथ रामनाम लेखन पुस्तिका की पूजा-अर्चना हुई। यहां पर भी लोगों ने श्रीराम का उद्घोष किया। कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष रामसिंह अग्रवाल, योगेश जैन, नवीन अरोरा, दीप नारायण सोनी, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, जिला कोषाध्यक्ष अजय पाण्डेय, पार्षद नरेंद्र देवांगन, हीतानंद अग्रवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रकाश अग्रवाल, दिनेश वैष्णव, अंजना सिंह, मंडल अध्यक्ष राजेश राठौर उपस्थित रहे।
ग्रामीण क्षेत्र की दमदार उपस्थिति
राम नाम लेखन महायज्ञ से संबंधित कार्यक्रम में शहर से कहीं ज्यादा महिलाओं की उपस्थिति ग्रामीण क्षेत्रों से रही। जटगा, पसान, पोड़ी-उपरोड़ा, बुंदेली, नकिया, अरसेना, तुमान, गढ़-उपरोड़ा, सतरेंगा, देवपहरी, पाली सहित अनेक दूरस्थ गांवों से महिलाएं बच्चों सहित यहां पहुंची थी। अभियान को लेकर काफी उत्साह था। उनका कहना था कि जिन्होंने पुस्तकों में राम का नाम अंकित करने में श्रम किया है, कम से कम हम भी इन पुस्तकों को सिर पर धारण कर सुख की अनुभूति करें।

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