
कोरबा (छत्तीसगढ़)। जिले के दर्री थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आशा नगर लाटा में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पत्नी ने अपने ही बीमार पति की हत्या कर दी। पुलिस ने मृत अरुण सिंह (38) के बच्चों के बयान के आधार पर आरोपी पत्नी बंटी देवी को हिरासत में ले लिया है।
साजिश: फूलों के बहाने मंगवाया ‘काल’
वारदात की शुरुआत 27 जनवरी को हुई। आरोपी बंटी देवी ने अपने बेटे से यह झूठ बोलकर कीटनाशक मंगवाया कि उसे बगीचे के फूलों पर छिड़काव करना है। शाम होते ही उसने बच्चों को कमरे से बाहर भेज दिया और पिछले डेढ़ साल से लकवा व टीबी से जूझ रहे अपने लाचार पति को पानी में जहर मिलाकर पिला दिया।
मासूम चश्मदीद: खिड़की से देखा मां का जुर्म
इस पूरी वारदात की गवाह मृतक की मासूम बेटी बनी। जब मां अपने पिता को जहर दे रही थी, तब बेटी ने खिड़की से सब देख लिया। उसने तुरंत अपने 13 वर्षीय भाई को इसकी जानकारी दी। बच्चों ने जब घर में रखी कीटनाशक की शीशी चेक की, तो वह खाली मिली, जिससे उनका शक यकीन में बदल गया।
इलाज में टालमटोल और मौत
जहर के असर से जब अरुण की तबीयत बिगड़ी और उसे उल्टियां होने लगीं, तब भी आरोपी पत्नी उसे अस्पताल ले जाने के बजाय मामले को दबाती रही। आखिरकार 28 जनवरी को उसे जिला मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 30 जनवरी को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस कार्रवाई और वजह
सिविल लाइन पुलिस ने बच्चों के बयान को आधार बनाकर जब बंटी देवी से कड़ी पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस को अंदेशा है कि इस हत्याकांड के पीछे महिला का किसी के साथ ‘प्रेम प्रसंग’ मुख्य वजह हो सकता है। आरोपी महिला को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।






















