
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के 26/11 के आतंकी हमले में बलिदान हुए पुलिस सब-इंस्पेक्टर तुकाराम ओंबले के सम्मान में सतारा में एक स्मारक बनाने का फैसला किया है।इस स्मारक के निर्माण के लिए 13.46 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसकी पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह स्मारक उनके अदम्य साहस और देशभक्ति का प्रतीक होगा।मुंबई पुलिस के सब-इंस्पेक्टर ओंबले ने कसाब को जिंदा पकडऩे के अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हें मरणोपरांत पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। राज्य सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक परिपत्र में कहा गया है कि उक्त स्मारक के निर्माण के लिए राशि आवंटन का मामला विचाराधीन था।अंधेरा डरावना होता है और कई बार फ्लैशबैक भी आते हैं, मगर एक रोज रोशनी उस अंधेरे को समाप्त कर देती है। हर रात की सुबह होती है और 14 साल बीत जाने के बाद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई 26/11 की अंधेरी रात से तो उबर गई, मगर जख्म आज भी तरोताजा हैं। गुनहगार को उसके गुनाह की सजा मिल गई, आतंकी अजम कसाब की कहानी का अंत हो गया, पर आतंकवाद के खिलाफ अभी भी जंग छिड़ी हुई है।हम उस हिंदुस्तान में रहते हैं, जो कभी किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन कोई छेड़े तो छोड़ता भी नहीं है। आज बात साल 2008 में हुए मुंबई आतंकवादी हमले की, जहां पर 10 आतंकवादियों ने कोहराम मचाया था। चारों ओर चीख पुकार और खून के निशान थे। कराची के रास्ते नाव से घुसे लश्कर-ए-तैयबा (रुद्गञ्ज) के 10 आतंकवादियों ने मुंबई की अलग-अलग जगहों को निशाना बनाया था।26/11 आतंकी हमले के खिलाफ एनएसजी को ऑपरेशन चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और 10 में से 9 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था, जबकि अजमल कसाब को जिंदा पकडऩे में कामयाबी मिली। चार दिनों तक आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी और सिलसिलेवार धमकों की वजह से 18 सुरक्षाकर्मी समेत 164 लोग मारे गए और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे।































