वैष्णो दरबार, चैतुरगढ़ और सिद्धिदात्री मंदिरों में दिख रहा नवरात्र का उल्लास

कोरबा। नव वर्ष संवत्सर प्रतिपदा के साथ आज से चैत्र नवरात्र का पावन पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया। शहर और आसपास के क्षेत्रों के मंदिरों में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज सुनाई देने लगी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है।
कोरबा के प्रमुख देवी मंदिरों—सर्वमंगला, भवानी, कंकालिन, वैष्णो दरबार, महिषासुर मर्दिनी, दीपेशवरी, कोसगईगढ़ और देवपहरी स्थित मां सिद्धिदात्री मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ शक्ति की उपासना प्रारंभ हो गई है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना कर रहे हैं। यह पूजा क्रम रामनवमी तक निरंतर जारी रहेगा।
मंदिर प्रबंधन समितियों ने पुरोहितों के संदर्भ से बताया कि दोपहर बाद शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ घटस्थापना की जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धा के प्रतीक जवारे बोए जाएंगे, जो पूरे नौ दिनों तक भक्तों की आस्था का केंद्र बने रहेंगे। हिन्दू परंपरा में ये खास मायने रखते है। नवरात्र के दौरान मनोकामना पूर्ति के लिए ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करने की भी परंपरा निभाई जा रही है। कोरबा जिले के मंदिरों में स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ छत्तीसगढ़, देश और विदेश में रह रहे लोगों द्वारा भी ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराए गए हैं, जो आस्था और विश्वास का प्रतीक बन गए हैं।नवरात्र के इस पावन अवसर पर पूरे कोरबा में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष संचार हुआ है।

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