
जांजगीर-चांपा। बीज निगम प्रक्षेत्र से मिलना वाला प्रमाणित बीज की ड़ेयुक्त व टूटा गेहूं बांटने का आरोप लगाया गया है। उनका कहना है कि इसमें अंकुरण की संभावना नहीं के बराबर रहती है। अधिकारियों का कहना है कि ऊपर से आया हुआ बीज को बांटा गया है।
जिले के नवागढ़ क्षेत्र में किसानों को मिले प्रमाणित गेहूं बीज की गुणवत्ता पर खराब गेहूं मिलने का किसानों ने आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि बीज निगम क्षेत्र खोखसा द्वारा भेजे गए बीज नवंबर 2025 में पैक हुआ है, लेकिन सिर्फ एक महीने में ही उसकी गुणवत्ता पूरी तरह बिगड़ गई, जो किसी भी प्रमाणित बीज के साथ संभव नहीं है। किसानों ने बताया कि बीज में करीब 30 प्रतिशत तक टूटा हुआ दाना, साथ में कंकण भी है, इससे अंकुरण की
संभावना बेहद कम रह जाती है। किसानों द्वारा 1520 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से यह बीज खरीदा गया, लेकिन खेत में उपयोग से पहले ही खराब गुणवत्ता सामने आ गई। किसानों को भारी रकम लेकर मिलावटयुक्त और निम्न स्तर का बीज सप्लाई किया गया है। गेहूं के खराब बीच के संबंध में नवागढ़ क्षेत्र के ग्राम कचंदा सहित दर्जनों गांवो के किसानों का कहना है कि किसान रबि कृषिल में गोल बोने के लिए नवागढ़ के गेहूं कार्यालय 1520 रुपए के से एक बोरी गेहूं खरीदी किया गया है, जो पूरी तरह से खराब निकला है। गेहूं के बोरी में 40 प्रतिशत से अधिक की नोक टूटी हुई है, इसके कारण फसल तैयार ही नहीं हो पाएगा। किसानों ने कहा कि प्रमाणित बीज में एक माह के भीतर कीड़ा लग जाना या दाना टूट जाना प्राकृतिक नहीं, यह सीधे पैकिंग से पहले की खराब गुणवत्ता को दर्शाता है। किसानों का आरोप है कि असली और भेजे गए बीज के नमूने में जमीन आसमान का अंतर है, जो किसानों के साथ अन्याय है।
जानकारी लेते पहुंचे जिपं सभापति राजकुमार
किसानों की समस्या की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत कृषि विभाग के सभापति राजकुमार साहू बीज निगम जांजगीर पहुंचे। जहां उनके द्वारा गेंहू के बीच सैंपल लिया गया। लेकिन मौके पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा सभापति साहू को गेहूं का सैंपल दिखाया गया, वह अलग था और जो बीज निगम के गोदाम में रखा गेहूं अलग था। उनका कहना था कि गोदाम में रखे गेहूं के बीज खराब थे, जिसमें धूल, ककड़ व कीड़े लगे हुए थे। उनके द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते का जल्द से जल्द निराकरण करें।
किसान बीज को तत्काल करे वापस
कृषक चेतना मंच के जिला सहसंयोजक संदीप तिवारी का कहना है कि प्रमाणित बीज अगर खराब है तो किसान तत्काल वापस कर दें। बीच निगम द्वारा वापस लिया जाएगा। साथ ही बीज रायपुर से आता है। इसमें रायपुर के अधिकारियों द्वारा किसानों से राय नहीं ली जाती।
























