
तेहरान, 1६ मार्च ।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ईरान युद्धविराम चाहता है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान ने न तो कभी सीजफायर मांगा है और न ही किसी तरह की बातचीत की मांग की है। अराघची ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि ईरान तब तक अपनी रक्षा करता रहेगा जब तक जरूरत होगी। अमेरिकी मीडिया संगठन सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि ईरान अमेरिका के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा, जब तक कि अमेरिका इस युद्ध को गैरकानूनी मानकर अपना रुख नहीं बदलता।
उन्होंने कहा फिर से इस बात को दोहराया कि हमने कभी सीजफायर नहीं मांगा और न ही बातचीत की मांग की है। हम जितने समय तक जरूरी होगा, अपनी रक्षा के लिए तैयार हैं। इधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विदेश मंत्री की तरफ से उनके बयान को खारिज किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान जनता को सच्चाई नहीं बता रहा और गलत जानकारी फैला रहा है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सिर्फ सच्चाई सामने रखी है, जबकि ईरान झूठी खबरें फैला रहा है। उनके मुताबिक, ईरान ने यह दावा किया था कि उसने अमेरिकी युद्धपोत स्स् अब्राहम लिंकन (ष्टङ्कहृ-72) पर हमला किया और उसे नुकसान पहुंचाया, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह जहाज न तो कभी हमले का शिकार हुआ और न ही उसमें आग लगी थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें पहले अंदाजा नहीं था कि ईरान फर्जी खबरें फैलाने के लिए इतना बदनाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थान भी ऐसी गलत जानकारियों को आगे बढ़ा रहे हैं, जिनके बारे में उन्हें पता होता है कि वे सच नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि अगर मीडिया जानबूझकर झूठी जानकारी फैलाता है, तो इसके लिए उन्हें गंभीर कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि यह युद्ध अमेरिका ने शुरू किया है और ईरान सिर्फ अपने बचाव में कार्रवाई कर रहा है। उनके अनुसार, जब तक डोनाल्ड ट्रंप को यह समझ नहीं आता कि यह युद्ध जीतने वाला नहीं है, तब तक ईरान अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। अराघची ने यह भी कहा कि अभी अमेरिका से बातचीत करने का कोई कारण नहीं है। उनका कहना था कि जब ईरान अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा था, उसी समय अमेरिका ने उस पर हमला कर दिया।




















