पहलगाम हमले में नया ट्विस्ट, आतंकी जांच में पहली बार चीन की मदद लेगा भारत; NIA मांगेगी सीक्रेट जानकारी

जम्मू। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए ) पहलगाम हमले की जांच के लिए अब चीन तक पहुंच गई है। इस हमले की जांच के दौरान बरामद हुआ गोप्रो हीरो-12 ब्लैक कैमरा सबसे पहले चीन में ही एक्टिवेट हुआ था।

एनआईए यह पता लगाना चाहती है कि कैमरा सबसे पहले किसने और कहां इस्तेमाल किया और यह पहलगाम हमले में लिप्त आतंकियों तक कैसे पहुंचा। कैमरे का इस्तेमाल कथित तौर पर हमले से पहले पहलगाम और उसके साथ सटे इलाकों की रेकी के लिए किया गया था।

जम्मू स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने इस मामले में चीन के सक्षम न्यायिक प्राधिकरण को लेटर रोगेटरी (अनुरोध पत्र) जारी करने के एनआईए के आग्रह को अनुमति दे दी है। यह पहला अवसर है जब जम्मू-कश्मीर में हुए किसी आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में भारत सरकार चीन से सहयोग लेगी। यह अनुमति दो मार्च को जम्मू स्थित विशेष जज (एनआईए अदालत) प्रेम सागर ने दी थी।

डीआईजी संदीप चौधरी ने किया था आवेदन

आदेश के अनुसार, पहलगाम हमले की जांच में शामिल एनआईए के डीआइजी संदीप चौधरी ने एक आवेदन किया था। इसमें जांच में मदद के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय के जरिए अनुरोध पत्र जारी करने का आग्रह किया गया था। यह एक देश की अदालत द्वारा दूसरे देश की अदालत से की गई एक औपचारिक प्रार्थना है।

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