
चरचा कालरी। कोरिया जिले में बढ़ती दो पहिया वाहन सडक़ दुर्घटनाओं और जन-धन की हानि को रोकने के प्रयास में जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत 1 अक्टूबर से कड़े निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी पेट्रोल पम्प पर बिना हेलमेट आए दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। इस अभियान का नारा है बिना हेलमेट, नहीं मिलेगा पेट्रोल) कलेक्टर कोरिया के निर्देशों के पशुपालन में नगर पालिका शिवपुर चर्चा क्षेत्र के अहमद पेट्रोल पम्प पर इस नियम का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। पम्प के कर्मचारी बिना हेलमेट आए चालकों को पेट्रोल देने से इंकार कर रहे हैं। पम्प प्रबंधन का मानना है कि नियम का प्रभावी पालन ही सडक़ सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, इसलिए वे प्रशासन के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन कर रहे हैं।
हेलमेट की अनिवार्यता के संबंध में जहाँ प्रशासन की मंशा सराहनीय है, वहीं नियम लागू होने के बाद आम नागरिकों को कई व्यावहारिक परेशानियाँ भी झेलनी पड़ रही हैं, कई लोग काम पर जाते समय या बाजार के लिए निकलते समय हेलमेट घर पर भूल आते हैं; पम्प पर पहुंचने पर उन्हें वापस लौटना पड़ता है।,कुछ लोगों को घर से हेलमेट मंगवाना पड़ता है जिससे उनका समय बर्बाद होता है और घरेलू/नौकरी संबंधी काम प्रभावित होते हैं,रोजग़ार हेतु निकले हुए दर्जनों वेतनभोगी और छोटे दुकानदार ऐसे दिनकर्मियों को प्रभावित महसूस कर रहे हैं जो पेट्रोल भरवाकर काम पर जाते हैं। ,कुछ चालक नियम से बचने के लिए एक-दूसरे के हेलमेट उधार लेकर पेट्रोल भरवा रहे हैं- यह व्यवहार सुरक्षा के उद्देश्य को पूरी तरह नहीं निभाता। इन परेशानियों के कारण कई नागरिक प्रशासन से थोड़ा समन्वय और सहूलियत की अपेक्षा कर रहे हैं- जैसे अस्थायी हेलमेट रिट्रीवल पॉइंट, जागरूकता के साथ-साथ सरल सहायता प्रणालियाँ आदि।नियम लागू होने के बाद कई पेट्रोल पम्पों पर अस्थायी रूप से बिक्री में गिरावट देखी जा रही है। अहमद पेट्रोल पम्प सहित आसपास के कुछ पम्पों ने स्थानीय तौर पर बताया है कि नियम लागू होने के पहले कुछ दिनों में ग्राहक संख्या में कमी आई है — मुख्यत: उन ग्राहकों के कारण जो हेलमेट भूलकर आते हैं या नियम से असहज होते हैं।
यह गिरावट पूर्णत: लम्बे समय तक बनी रहने वाली नहीं मानी जा रही; पम्प संचालक और प्रशासन दोनों आशावाद व्यक्त कर रहे हैं कि जैसे-जैसे लोग आदत डालेंगे और जागरूकता बढ़ेगी, बिक्री सामान्य स्थिति पर लौट आएगी। साथ ही पम्प संचालक यह भी सुझाव दे रहे हैं कि यदि प्रशासन थोड़ी मदद (जैसे जागरूकता, सूचना पैनल, शिफ्ट में कुछ सहायक कर्मचारियों का प्रशिक्षण) दे तो नियम लागू करते समय ग्राहकों की असुविधा कम की जा सकती है।
सडक़ सुरक्षा विशेषज्ञ कहते हैं कि सख्त नियम दुर्घटनाओं और सिर की गंभीर चोटों को कम करने में प्रभावी हो सकते हैं, पर इन नीतियों का दीर्घकालिक लाभ तभी संभव है जब जनता के व्यवहार में बदलाव आये। इसलिए प्रशासनिक कड़े कदम के साथ-साथ लोगों को सडक़ सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार सही गुणवत्ता और फिटिंग वाले हेलमेट के उपयोग से सर की चोटों पर खतरा 70 प्रतिशत तक काम किया जा सकता है सडक़ दुर्घटना में अधिकतर मौतें सर की गंभीर चोटों के कारण होती है जिन्हें केवल एक हेलमेट पहनने की आदत से रोका जा सकता है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक के इस निर्णायक कदम से कोरिया जिले में सडक़ सुरक्षा पर स्पष्ट संदेश गया है- पर इस नीति की सफलता के लिए प्रशासनिक कड़े कदम के साथ जनता के रोज़मर्रा के व्यवहार में बदलाव और थोड़ी सहूलियत-दृष्टि भी आवश्यक है। छोटी असुविधाओं और अस्थायी बिक्री गिरावट को पार कर यदि लोग हेलमेट पहनने की आदत अपनाते हैं तो कई परिवारों की जान और आजीविका सुरक्षित रह सकती है।





















