बच्चों को किताब बांटने में नहीं आएगी कोई परेशान, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम का अहम फैसला

रायपुर। छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम ने अपनी पुरानी योजना में बड़ा बदलाव किया है। शिक्षा मंत्री की पहले की घोषणा के विपरीत बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब पाठ्य पुस्तकों के लिए अलग-अलग टेंडर जारी किए जाएंगे। इस नए निर्णय के तहत कागज की खरीद, छपाई और ट्रांसपोर्टेशन के लिए अलग-अलग टेंडर होंगे। पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे ने बताया कि यह कदम भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को रोकने के लिए उठाया गया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में गुजरात और एनसीआरटी मॉडल को अपनाया जाएगा, ताकि अगले साल सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों तक सभी किताबें पहुंच जाएं। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन के लिए लगाए जाने वाले ट्रकों में GPS सिस्टम भी लगाया जाएगा। कागज की सप्लाई में देरी होने पर दो कंपनियों ओरिएंट और श्रेयांश पेपर को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन कंपनियों पर अगले 5 साल तक ब्लैकलिस्ट करने का प्रावधान लागू किया जाएगा।

RO No. 13467/10