
रेलवे ने दिया समय, लोग चाहते हैं व्यवस्था
कोरबा। भारतीय रेलवे ने कोरबा में रेल लाइन के विस्तार को लेकर कुछ इलाकों का सर्वे किया है। इसलिए रेलवे अब अपनी जमीन खाली करने के लिए तैयारी कर रहा है। पिछले दिनों इंदिरा नगर दुर्गा रोड के लोगों को इस बारे में नोटिस दिए गए थे। क्षेत्र में मार्किंग करने से हडक़ंप मची है। यहां के लोगों ने मुख्य शहर में रेलवे क्रॉसिंग के पास धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
इन लोगों ने मौके पर संभावित कार्रवाई का विरोध किया। उनकी मांगे की रेलवे को इतने साल कितने के बाद अपनी जमीन की चिंता क्यों हुई। वे क्षतिपूर्ति के साथ नया विकल्प भी देने की मांग कर रहे है। आज सुबह प्रदर्शन करने के लिए काफी संख्या में लोग यहां पर इक_े हुए। उन्होंने यहां से गुजरने वाली गाडिय़ों को रोकने के साथ अपने तेवर दिखाये। इंदिरा नगर क्षेत्र में 250 ऐसे कच्चे पक्के मकान में रहने वाले लोगों को पिछले दिनों रेलवे की ओर से नोटिस जारी किया गया था। मौजूदा स्थिति में 90 मामलों में मकान को तोडऩे की कार्रवाई की बात कही गई। संबंधितों को इस बारे में याद दिलाया गया और चिन्हित प्रकरण में मार्क कर दिया गया है जिससे लोग घबराए हुए हैं। इन लोगों ने एक दिन पहले रेलवे स्टेशन पहुंचकर नाराजगी दर्ज कराई। वे रेलवे के अधिकारियों से ही राहत चाहते हैं।
जानकारी मिली है कि संबंधित लोगों को अपनी व्यवस्था करने के लिए रेलवे की ओर से एक सप्ताह का समय दिया गया है। दूसरे और किसी विकल्प के बारे में बात नहीं हुई है। रेल अधिकारी का कहना है कि नोटिस देने की कार्रवाई एक महीना पहले की गई थी। रेलवे को अपने अगले काम करना है इसलिए कोरबा में इस क्षेत्र की जमीन को हासिल करेगा। जो जमीन उसकी है, वह बहुत पहले से हैं। वहां तक इंडियन रेलवे के खंबे लगे हुए हैं। इसके बावजूद कई लोग आसपास में काबिज हो गए, इसमें उनकी गलती है। समस्याओं को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय लोगों ने मुख्य मार्ग के पास धरना प्रदर्शन करते हुए आवागमन को रोकने का प्रयास किया।
अंडरपास का काम हो रहा शुरू
दूसरी और कोरबा में प्रथम रेल अंडरपास का काम शुरू होने को है। सेतु निगम के द्वारा टेंडर की कार्रवाई पूरी कर दी गई है और रायपुर के शिला कंस्ट्रक्शन को इसका काम मिला है। इस मामले में 90 से अधिक प्रभावित लोगों को इसी वर्ष मुआवजा देने की कार्रवाई प्रशासन की ओर से की जा चुकी है। अंडरपास के दायरे में आने वाली अधिकांश परिसंपत्ति को मौके से हटा दिया गया है जबकि कुछ विवादित प्रकरणों में जल्दी कार्रवाई करने के संकेत दिए गए हैं। इस क्षेत्र में नगर निगम के द्वारा पाइपलाइन शिफ्टिंग का काफी कम कर लिया गया है । जबकि नहर पुल के नीचे एक काम करने के लिए अनुमति बाकी है।


















