
चरचा कॉलरी। जिला कोरिया के थाना पटना क्षेत्र में आदिवासी परिवार से लाखों रुपये की ठगी और अवैध सूदखोरी के मामले में पुलिस ने कुख्यात सूदखोर राजू खान उर्फ मो. जमील सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के विरुद्ध थाना पटना में अपराध क्रमांक 68/2026 एवं 69/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में मो. जमील उर्फ राजू खान (45 वर्ष) निवासी डबरीपारा बैकुण्ठपुर, राजेश कुर्रे उर्फ पप्पू कुर्रे (42 वर्ष) निवासी ग्राम सोरगा भण्डारपारा थाना पटना तथा सुनीता कुमारी सिंह (40 वर्ष) निवासी हिरागीर दफाई हल्दीबाड़ी चिरमिरी, हाल मुकाम सुभाष नगर चरचा शामिल हैं।
प्रकरण के आवेदक जीतन और जगजीवन, जो उरांव आदिवासी समुदाय से हैं और पाण्डवपारा थाना पटना क्षेत्र के निवासी हैं, को आरोपियों ने छलपूर्वक अपने झांसे में लिया। आरोप है कि जीतन के सीएमपीएफ खाते से लगभग 15 लाख रुपये तथा जगजीवन के खाते से 8 लाख 71 हजार 250 रुपये निकलवाकर कुल करीब 20 लाख रुपये सुनीता कुमारी सिंह के खाते में जमा करवाए गए। बाद में यह राशि सुनीता के खाते से निकालकर मुख्य आरोपी राजू खान ने अपने पास रख ली। पुलिस ने आरोपी राजू खान से 15,500 रुपये नगद भी जब्त किए हैं, जबकि मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।पुलिस अधीक्षक कोरिया रवि कुमार कुर्रे तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे के निर्देशन में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बैकुण्ठपुर राजेश साहू के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई। टीम में थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक इन्द्रजीत सिंह सहित पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विदित हो कि राजू खान जिले का कुख्यात सूदखोर है और उसके विरुद्ध पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। विशेषकर कोयलांचल क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को वह ऊंचे ब्याज पर बड़ी रकम उधार देता था। सूत्रों के अनुसार कई कर्मचारियों को उसने 10 से 15 लाख रुपये तक उधार देकर कागजी समझौते कर रखे हैं और प्रतिमाह लगभग 20 प्रतिशत की दर से भारी ब्याज वसूलता है। विशेष कर चरचा कालरी क्षेत्र में उसका सूद ब्याज का नेटवर्क बहुत ही व्यापक रूप से फैला हुआ है कोरिया जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में उसके विरुद्ध पूर्व में भी अपराध दर्ज हो चुके हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है।इस घटना के बाद पुलिस और जागरूक नागरिकों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की आवश्यकता के लिए अवैध सूदखोरों से कर्ज लेने से बचें। आर्थिक जरूरत होने पर राष्ट्रीयकृत बैंकों, सहकारी बैंकों अथवा मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थाओं से ही ऋण लें, ताकि इस प्रकार की ठगी और शोषण से बचा जा सके। सूत्रों के अनुसार राजू खान के क्रियाकलापों से कई अन्य पीडि़त लोगों ने भी शीघ्र पुलिस प्रशासन के समझ जानकारी देने कार्यवाही करने की मां करने की बात कही है।




















