तेहरान की घेराबंदी: अब कुर्द करेंगे ईरान पर जमीनी हमला, अमेरिका बना रहा है रणनीति

नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद एक साथ कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मसलन यह युद्ध कब तक चलेगा, किसे ज्यादा क्षति पहुंचेगी, वैश्विक अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान होगा। कहीं यह विश्व युद्ध में तो नहीं तब्दील हो जाएगा। इन सब कयासों के बीच एक दूसरे को पटखनी देने के लिए हर रोज दोनों ओर से नई रणनीतिक पटकथा लिखी जा रही है।ईरान जमीनी युद्ध होने की स्थिति में जहां अपने को हर तरह से तैयार कर रहा है, वहीं अमेरिका भी बिना मौका गंवाए तरकस के हर उस तीर को आजमाने का प्रयास कर रहा है, जिससे आसमान में ईरान को पटखनी देने के साथ ही जमीनी लड़ाई में भी उसे धूल चटाया जा सके।इस कड़ी में अमेरिका द्वारा ईरानी कुर्दों से संपर्क करने की सूचना है। वह इनका इस्तेमाल जमीनी युद्ध में ईरानी सेना के विरुद्ध करना चाहता है। उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र में स्थित एक ईरानी कुर्द राष्ट्रवादी समूह के नेता ने अल जजीरा को बताया है कि कुर्द ईरान में सीमा पार जमीनी अभियान चला सकते हैं।
ईरानी कुर्दिस्तान के खबात संगठन के महासचिव बाबाशेख हुसैनी ने कहा है कि फिलहाल ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, लेकिन अमेरिका ने समूह से संपर्क किया है। समूह इस विचार कर रहा है। हम लंबे समय से योजना बना रहे थे और अब जब परिस्थितियां अनुकूल हैं तो कार्रवाई की प्रबल संभावना है।उन्होंने कहा कि हमने इस संबंध में अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन पूरी संभावना है कि हम जमीनी अभियान चलाएंगे। विद्रोही नेता ने कहा कि अमेरिकियों ने विभिन्न माध्यमों से हमसे संपर्क किया है, लेकिन अभी तक हमारी सीधी मुलाकात नहीं हुई है।इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आइआरजीसी) ने शनिवार को कहा कि उसने कुर्द क्षेत्र में लगाववादी समूहों को निशाना बनाया है।तसनीम समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में आइआरजीसी ने कहा है कि इराकी क्षेत्र (कुर्दिस्तान) में अलगाववादी समूहों के तीन ठिकानों पर शनिवार सुबह हमला किया गयाज्। यदि कुर्दिस्तान में अलगाववादी समूह ईरान की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ कोई कदम उठाते हैं, तो हम उन्हें कुचल देंगे।

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