83 और 88 नंबर लाने पर भी नवोदय से वंचित रहे ओबीसी व सामान्य छात्र

कोरबा। जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित होने के साथ बड़ी संख्या में ओबीसी और सामान्य छात्रों को निराशा हासिल हुई। वह भी केवल एक या दो नंबर के अंतर से। 83 और 88 नंबर अर्जित करने पर भी ऐसे बच्चे नवोदय में पढऩे की पात्रता से वंचित रह गए। पिछली शाम नवोदय विद्यालय संगठन की ओर से नतीजे की घोषणा की गई। इसके साथ ही काफी संख्या में बच्चों के चेहरे लटक गए।
कक्षा छठवीं से 12वीं की अंग्रेजी माध्यम वाली निशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था नवोदय विद्यालय में की गई है। कोरबा जिले का इकलौता यह विद्यालय छुरीकला के पास सलोरा में संचालित है। पिछले दिनों प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया था जिसमें अलग-अलग केंद्रों में विद्यार्थी शामिल हुए थे। समानता के सिद्धांत को सच मानते हुए अलग-अलग कैटेगरी के विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल जरूर हुई लेकिन उन्हें नतीजा की घोषणा के बाद इसका सच पता चला।
खबर के अनुसार दो प्रमुख आरक्षित कैटिगरी में महज 60 फीसदी अंक ही नवोदय में एंट्री के लिए पैरामीटर बन गया। जबकि ओबीसी विद्यार्थियों को इसी संस्था में एंट्री पाने के लिए न्यूनतम 85 और सामान्य के लिए 90 इससे अधिक अंक अनिवार्य किये गए। जानकारी मिली है कि शहरी क्षेत्र में कुछ विद्यार्थियों ने नतीजा को लेकर काफी उम्मीद पाल रही थी लेकिन जब वह किनारे पर आकर अटक गए तो उनकी खुशियां ही छिन गई। अब इसी के साथ यह सवाल उठ रहा है कि यह किस तरह की नीति है जो असमानता की खाई को विस्तार देती है।

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