नई दिल्ली। एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा अगले महीने सेना को दो अत्याधुनिक स्वदेशी तेजस मार्क-1ए लड़ाकू जेट्स की डिलीवरी करने की संभावना है। रक्षा सचिव आरके सिंह ने शनिवार को यह जानकारी दी।

सरकार ने एक और खेप खरीदने की मंजूरी दी

भारतीय वायु सेना ने पहले के अनुबंध के तहत तेजस मार्क 1ए जेट्स की डिलीवरी में देरी को लेकर चिंता जताई थी। पिछले सप्ताह, सरकार ने लगभग 67,000 करोड़ रुपये की लागत से 97 तेजस लड़ाकू विमानों की एक अतिरिक्त खेप को मंजूरी दी थी।

38 तेजस जेट्स पहले से सेवा में हैं

एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा सचिव ने कहा बताया कि 38 तेजस जेट्स पहले से सेवा में हैं और करीब 80 और बनाए जा रहे हैं। फरवरी 2021 में रक्षा मंत्रालय ने वायु सेना के लिए 83 तेजस एमके-1ए जेट्स की खरीद के लिए एचएएल के साथ 48,000 करोड़ का सौदा किया था। जेट्स की डिलीवरी में देरी मुख्य रूप से अमेरिकी रक्षा कंपनी जीई एयरोस्पेस द्वारा एरो इंजन की आपूर्ति में देरी के कारण हो रही है।

तेजस लड़ाकू विमान मिग-21 के स्थान पर सेवा में लाए जाएंगे

बता दें कि तेजस लड़ाकू विमान मिग-21 के स्थान पर सेवा में लाए जाएंगे। तेजस एकल इंजन वाला बहुभूमिका वाला लड़ाकू विमान है जो उच्च खतरे वाले हवाई वातावरण में भी परिचालन करने में सक्षम है।