देहरादून, 2२ जुलाई।
उत्तराखंड में मौसम के तेवर तल्ख हो गए हैं। पहाड़ से मैदान तक ज्यादातर क्षेत्रों में भारी वर्षा का दौर शुरू हो गया है। बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। पहाड़ों पर भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी आवाजाही प्रभावित हो रही है। बदरीनाथ मार्ग पर भूस्खलन के कारण यातायात नौ घंटे तक ठप रहा। मौसम विभाग के अनुसार आज भी देहरादून समेत चार जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और अन्य जिलों में भी तीव्र वर्षा की आशंका है। देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में रविवार देर रात हल्की वर्षा का दौर शुरू हुआ, जो कि सुबह तक तीव्र वर्षा के रूप में जारी रही। कहीं-कहीं दोपहर बाद तक वर्षा का क्रम बना रहा। दून में 24 घंटे के भीतर 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। जबकि, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी में भी 50 से 80 मिमी तक वर्षा हुई। हालांकि, कुमाऊं के कुछ क्षेत्रों में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की जा रही है। बनबसा में करीब 200 मिमी बारिश हुई है। वर्षा के कारण ज्यादातर क्षेत्रों में पारे में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट भी दर्ज की गई है। दून में जगह-जगह बारिश का पानी घरों व दुकानों में घुस गया। भारी बारिश से सडक़ों को नुकसान पहुंचा और दीवार व पुस्ता ढहने की भी सूचनाएं हैं। रुद्रप्रयाग में देर रात से सुबह तक हुई वर्षा के चलते बदरीनाथ हाईवे खांकरा और सिरोबगड़ के बीच नौ घंटे से अधिक समय तक अवरुद्ध रहा। इससे दस हजार से अधिक यात्री फंसे रहे। हाईवे के दोनों ओर पांच-पांच किमी तक एक हजार से अधिक वाहनों की कतार लगी रही। इधर, कोटद्वार में वर्षा के दौरान नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुगड्डा के पास कई जगह मलबा व बोल्डर आने से सडक़ बंद हो गई। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद राजमार्ग को यातायात के लिए खोल दिया।