तेल संकट के चलते बांग्लादेश में विश्वविद्यालयों को बंद करने का आदेश, बिजली और ईंधन बचाने के लिए उठाया गया कदम

नईदिल्ली, १० मार्च ।
पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते दुनियाभर में तेल का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में कई देशों में ईंधन की खपत कम करने के लिए तमाम उपाय किए जा रहे हैं। इसी कवायद में बांग्लादेश की सरकार ने बिजली और ईंधन बचाने के प्रयास में देशभर के विश्वविद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया है। स्थानीय मीडिया में सोमवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, विश्वविद्यालयों में छुट्टियां ईद तक जारी रहेंगी। बांग्लादेशी अखबार प्रोथोम आलो ने आदेश के हवाले से बताया, वैश्विक संकट से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बिजली और ऊर्जा बचाना जरूरी है। इसके लिए सभी सार्वजनिक और निजी विश्वविद्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों को बिजली और ऊर्जा के मामले में जिम्मेदारी व कुशलता के साथ व्यवहार सुनिश्चित करना आवश्यक है। शिक्षा मंत्रालय ने बिजली और ईंधन बचाने के लिए कैबिनेट डिवीजन की ओर से पहले से दी गईं गाडिय़ों के उपयोग पर भी रोक लगाने समेत 11 बिंदुओं को लेकर निर्देश जारी किया है। डेली स्टार अखबर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सप्ताहांत के दौरान राजधानी ढाका समेत कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। यह लोगों में तेल की किल्लत होने की आशंका को दर्शाता है।पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध का असर भारत में भी दिखने लगा है। पुणे में गैस आधारित शवदाह गृहों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह कदम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश के आधार पर उठाया गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट के कारण घरेलू एलपीजी खपत के लिए प्रोपेन और ब्यूटेन की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। पुणे नगर निगम के बयान के अनुसार, मंत्रालय के पांच मार्च के निर्देश के तहत शहर के गैस आधारित शवदाह गृहों को अगले आदेश तक बंद करने का निर्णय लिया गया है।

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