मलेशिया से फंडिंग, साजिश में वाई-फाई का इस्तेमाल; जम्मू की जेल से भागे पाकिस्तानी कैदियों ने किए बड़े खुलासे

आरएसपुरा। बाल सुधार गृह में हुई वारदात की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, साजिश की परतें खुलती जा रही हैं। पहले बाल सुधार गृह से फरार होने, फिर अंदर देसी कट्टे की सप्लाई और अब विदेश से फंडिंग ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार दोनों पाकिस्तानी नागरिकों से पूछताछ में सामने आया है कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कर्णजीत सिंह उर्फ ‘गुग्गा’ बाल सुधार गृह में मोबाइल फोन और वहां लगे वाई-फाई का उपयोग कर कुछ ऐप के जरिये बाहर अपने सहयोगियों से संपर्क करता था। उसी के जरिये ये पूरी साजिश रची गई। बाल सुधार गृह से भागने के दौरान उसका मोबाइल फोन गुम हो गया, जिसके बाद पंजाब में एक अन्य व्यक्ति ने उसे नया मोबाइल उपलब्ध कराया। तीनों को भागने में मदद के लिए मलेशिया से फंडिंग की बात सामने आ रही है। पुलिस पूछताछ में पता करने की कोशिश कर रही है कि क्या गुग्गा पाकिस्तान में बैठे संगठनों से भी संपर्क में था।बाल सुधार गृह की घटना की जांच कर रही जम्मू पुलिस की हैरान करने वाली कार्यप्रणाली सामने आई है। बीते मंगलवार को अंबाला से पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी और उन्हें जम्मू लाने के बावजूद जम्मू पुलिस उन्हें तलाश रही है। दरअसल, जम्मू पुलिस की ओर से पाकिस्तानी नागरिक की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार को एक स्थानीय समाचार पत्र में ह्यू एंड क्राइ नोटिस प्रकाशित किया गया है। इसमें लोगों से सहयोग मांगते हुए पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद सना-उल्लाह की गिरफ्तारी से जुड़ी किसी भी प्रकार की सूचना देने की अपील की गई है। नोटिस में आरोपित की तस्वीर भी प्रकाशित की गई है और उसकी उम्र 19 वर्ष बताई गई है। इस नोटिस को देखकर लोग हैरान हैं कि जब पाकिस्तानी नागरिक पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, तो उसकी तलाश क्यों की जा रही है।

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