पाकिस्तान की हुई फजीहत, मैच रेफरी पायक्राफ्ट को हटाने की मांग खारिज, ICCने दो टूक दिया जबाव

दुबई, १७ सितम्बर।
एशिया कप में भारतीय खिलाडिय़ों द्वारा हाथ न मिलाने से तिलमिलाए पाकिस्तान को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पूरे एशिया कप से मैच रेफरी एंडी पायक्राफ्ट को हटाने की पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। पीसीबी ने धमकी दी थी कि अगर पायक्राफ्ट को इस एशिया कप से हटाया नहीं जाता है तो वह टूर्नामेंट से हट जाएगा।हालांकि इस धमकी पर वे ज्यादा देर नहीं टिक पाए और मंगलवार की शाम को आइसीसी अकादमी में अभ्यास करने आए जिससे पता चलता है कि बुधवार को यूएई के विरुद्ध होने वाले मैच में उनकी टीम उतरेगी। हालांकि पाकिस्तानी टीम में मंगलवार को मैच से एक दिन पहले होने वाली आवश्यक प्रेस कांफ्रेस को रद कर दिया।इससे पहले पीसीबी ने आईसीसी को लिखित शिकायत भेजी थी कि पायक्राफ्ट ने उनके कप्तान सलमान अली आगा को टॉस के समय भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से हाथ मिलाने से रोका था।इस पर देर रात आइसीसी ने जवाब देते हुए दो टूक कहा कि पायक्राफ्ट को हटाया नहीं जाएगा और उनकी अपील अस्वीकार कर दी गई है। 69 वर्षीय जिंबाब्वे के पायक्राफ्ट आईसीसी एलीट पैनल के वरिष्ठतम रेफरियों में से एक हैं और अब तक 695 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अधिकारी रह चुके हैं। वह पाकिस्तान और यूएई के बीच होने वाले मुकाबले में भी रेफरी की भूमिका निभाने वाले हैं। पीसीबी टीम मैनेजर नवीन चीमा ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) में भी शिकायत दर्ज कराई थी कि पायक्राफ्ट के कहने पर रविवार को दोनों कप्तानों के बीच टीम शीट का आदान-प्रदान भी नहीं हुआ, जबकि यह परंपरा है। भारत ने वह मैच सात विकेट से जीता था और उसके बाद भारतीय खिलाडिय़ों ने पहलगाम आतंकी हमले के पीडि़तों को श्रद्धांजलि देते हुए पाकिस्तानी खिलाडिय़ों से हाथ मिलाने से परहेज किया था। सूत्रों के अनुसार, यह विवाद पीसीबी के क्रिकेट संचालन निदेशक उस्मान वल्हा की लापरवाही के कारण खड़ा हुआ। वल्हा ने अपने ही कप्तान सलमान अली आगा को इस नो हैंडशेक नीति के बारे में अवगत नहीं कराया था।
इस चूक से कप्तान असहज स्थिति में पड़ गए।बताया जा रहा है कि पीसीबी अध्यक्ष और एसीसी प्रमुख मोहसिन नकवी इस मामले से बेहद नाराज हुए और वल्हा को उनके पद से हटा दिया। वल्हा को टॉस के समय ही बयान जारी कर स्थिति साफ कर देनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। नकवी को यह प्रबंधन बेहद खराब लगा और उन्होंने कड़ी कार्रवाई की। पीसीबी की मांग थी कि पायक्राफ्ट को पूरे टूर्नामेंट से हटाया जाए, लेकिन आईसीसी के सख्त रुख के बाद उनकी टीम फंस गई है। सूत्रों का कहना है कि पीसीबी अब कोई सम्मानजनक समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है। पीसीबी ने एक प्रस्ताव रखा है कि यूएई के विरुद्ध उनके मैच में पायक्राफ्ट की जगह वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज रिची रिचर्डसन को रेफरी नियुक्त किया जाए। हालांकि यह होगा या नहीं, इस पर अभी संशय बना हुआ है।

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