
नई दिल्ली। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अतिरंजित बयान की सीमा पार कर दी है। उन्होंने एक दावे में कहा कि पाकिस्तान को रिकॉर्ड संख्या में लड़ाकू विमान निर्माण के ऑर्डर मिले हैं, जिसके बाद अगले छह महीने बाद आइएमएफ से कर्ज लेने की जरूरत नहीं रह जाएगी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सैन्य हार्डवेयर के लिए वैश्विक मांग तेज हो गई है। सऊदी अरब ने भी लड़ाकू विमान लेने का सौदा किया है।
बता दें कि आइएमएफ के कर्ज के बदले पाकिस्तान को अपनी सरकारी एयरलाइंस पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआइए) बेचनी पड़ी थी। जियोटीवी से बातचीत में ख्वाजा ने दावा किया कि चीनी मूल के लड़ाकू विमानों के लिए पाकिस्तान को दुनियाभर से आर्डर मिल रहे हैं।
पाकिस्तान को 2023 में आइएमएफ से सात अरब डॉलर का सशर्त कर्ज मिला था। इसके लिए पाकिस्तान को सख्त सुधार कार्यक्रम भी शुरू करने पड़े थे। अब तक पाकिस्तान को चार अरब डॉलर मिल चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खवाजा ने कहा कि हमारे विमानों को परखा जा चुका है, जिसके बाद ही हमें ऑर्डर मिल रहे हैं। पाकिस्तान के रक्षा विशेषज्ञ रिटायर एयर मार्शल आमिर मसूद ने रायटर को बताया कि पाकिस्तान को छह देशों से ऑर्डर मिला है, जिसमें सऊदी अरब भी शामिल है।
पाकिस्तान में केवल असेंबल होते हैं जेएफ-17
एक तरफ ख्वाजा लड़ाकू विमानों के निर्यात के अतिरंजित दावे कर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ सच्चाई ये है कि जेएफ-17 के एयरफ्रेम का केवल 58 प्रतिशत ही पाकिस्तान में तैयार होता है।



























