कोरबा। जिले के पोड़ी उपरोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक्सीडेंट केस को रिफर करने पहुंची 108 एम्बुलेंस में लापरवाही का बड़ा मामला उजागर हुआ है। एम्बुलेंस में ड्यूटी पर तैनात आपात चिकित्सा तकनीशियन नशे की हालत में सोता रहा, जिसके कारण मरीज को तत्काल सुविधा नहीं मिल पाई।
खबर के अनुसार गंभीर अवस्था में मौजूद मरीज को एम्बुलेंस तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ईएमटी की थी, लेकिन उसके नशे में धुत होने की वजह से परिजनों और वाहन चालक (पायलट) ने मिलकर किसी तरह मरीज को स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया और अस्पताल के लिए रवाना कराया। इस प्रकरण में मरीज पचरा गांव का रहने वाला था इसलिए स्थानीय सरपंच शिवनंदन कुजूर पूरे समय यहां पर मौजूद रहे। उन्होंने एम्बुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की हरकत को अक्षम्य बताया है। सूत्रों के मुताबिक, यह ईएमटी आनंद कुमार 8 साल से काम कर रहा है। पहले भी कई बार उसकी लापरवाही सामने आ चुकी है। गैर-जिम्मेदाराना हरकतों में पकड़ा गया है, लेकिन विभाग की ओर से उस पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मामले का वीडियो बीती रात से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पूरे कोरबा जिले में फिलहाल 108 एम्बुलेंस की संख्या बेहद सीमित है। महज 5 से 6 वाहन ही सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में जब किसी एक भी एम्बुलेंस कर्मी द्वारा इस तरह की लापरवाही होती है, तो मरीजों की जिंदगी गंभीर खतरे में पड़ जाती है।