
कोरबा। एसईसीएल दीपका क्षेत्र में ठेका प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। ठेकेदारो का आरोप है कि पिछले कुछ समय से ठेका कार्यों की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया है, जिसके कारण कंपनी को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पहले 2 लाख रुपये तक के सभी ठेका कार्य प्रोजेक्ट स्तर पर ही तय होते थे, लेकिन अब समस्त कार्यों की स्वीकृति एरिया स्तर पर ली जा रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता कम हुई है और मनमानी व कमीशनखोरी की आशंका बढ़ी है। वहीं, गेवरा और कुसमुंडा जैसी देश की सबसे बड़ी कोयला परियोजनाओं में अब भी पुराना सिस्टम लागू है, जहाँ 2 लाख रुपये तक के कार्य प्रोजेक्ट स्तर पर ही निपटाए जाते हैं। लेकिन दीपका में सिस्टम बदले जाने से विरोध की आवाज़ तेज हो गई है। कुछ कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि पिछले कुछ समयों में किए गए ठेका कार्यों की उच्चस्तरीय जांच हो, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। संगठन ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच पारदर्शी तरीके से कराई जाए।