
येरूशलम 18 अगस्त। इजरायल के हजारों नागरिकों ने गाजा युद्ध खत्म करने और हमास के कब्जे में कैद बंधकों को छुड़ाने के लिए नेतन्याहू सरकार के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन किए। इस दौरान सडक़ें जाम कर दी गईं और कारोबार ठप कर दिए गए। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर दबाव बनाने के लिए लोगों ने तुरंत हमास से समझौता करने की मांग की। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की और लगभग 38 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इजरायल में दो समूहों ने रविवार को एक दिन का देशव्यापी आंदोलन किया। ये समूह बंधकों के परिवार का प्रतिनिधित्व करते हैं। आंदोलनकारियों को डर है कि इजरायल के हमले तेज करने से बंधकों की जान को खतरा हो सकता है। उनको उम्मीद है कि हमास के कब्जे में कैद बंधक अब भी जिंदा हैं। इजरायल का मानना है कि हमास की कैद में 20 बंधक जीवित हैं। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों के हाथ में बंधकों की तस्वीरें भी थीं।प्रदर्शन के जवाब में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि जो लोग हमास को हराए बगैर युद्ध खत्म करने पर जोर दे रहे हैं, वे यह नहीं समझ रहे हैं कि इससे हमास और मजबूत होगा और बंधकों को छुड़ाना मुश्किल हो जाएगा। इससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। साथ ही 7 अक्टूबर का वाकया बार-बार दोहराया जाता रहेगा।गाजा में रविवार को इजरायल के ताजा हमले में 17 फलस्तीनी नागरिक मारे गए। ये सभी मानवीय सहायता पाने के लिए एकत्र हुए थे। मोराग कॉरिडोर के पास जमा लोगों पर इजरायल के टैंकों ने 100 मीटर की दूरी से गोलीबारी की।
लोगों ने कहा कि हम या तो भूख से मरने का इंतजार करें या गोलियां खाने का जोखिम उठाएं। हमारे सामने कोई और विकल्प नहीं है।वहीं कुपोषण के चलते दो और बच्चों की मौत हो गई। 24 घंटे में भूख से मरने वालों की संख्या सात हो गई। इजरायल गाजा निवासियों को दक्षिणी गाजा में भेजने की योजना पर काम कर रहा है। इजरायली सेना ने कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए ऐसा किया जा रहा है। गौरतलब है कि इजरायल उत्तरी गाजा पर कब्जे की तैयारी कर रहा है।

















