
अफसरों और नेताओं ने आश्वासन दिया, लेकिन नहीं किया काम
कोरबा। कोरबा जिले के विकासखंड कोरबा में शामिल रजगामार ग्राम पंचायत क्षेत्र के लोगों को अपनी जमीन के अधिकार पत्र के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पांच दशक से भी अधिक समय से जो लोग यहां पर काबिज हैं उन्हें अधिकार पत्र के लिए लगातार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
विकासखंड की बड़ी ग्राम पंचायत में रजगामार शामिल है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की खगने यहां पर उसे समय से है जब कोयला खनन का काम पूर्वर्ती समय में नेशनल कोल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के द्वारा शुरू किया गया था। इस इलाके में कोलियरी के आगमन के साथ बाहर के लोगों का आना हुआ। कोयला खदान की नौकरी के साथ क्षेत्र मैं दूसरी संभावनाओं काफी जन्म हुआ और फिर लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। बीते दशकों में इस क्षेत्र में रिहायशी इलाके का विस्तार हुआ। दूसरे क्षेत्रों में सरकार की योजना के अंतर्गत लोगों को उनकी जमीन के अधिकार पत्र देने का काम कर लिया गया लेकिन यह इलाका अभी भी इस मामले में वंचित है। बीते वर्षों में अनेक अवसर पर स्थानीय लोगों के द्वारा इस मसले को लेकर मंत्रियों के अलावा प्रशासन के अधिकारियों को पत्राचार किया गया और मांग की गई कि उन्हें जमीन के अधिकार पत्र दिलाने को लेकर काम किया जाए। अनेक उदाहरण के साथ इस बात को रखा गया। प्रक्रियाओं के साथ लोगों को आश्वासन जरूर प्राप्त हुए लेकिन परिणाम अभी भी बहुत दूर है। भाजपा नेता अनिल चौरसिया ने एक बार फिर इस विषय को सरकार के ध्यान में लाने का काम किया है। कहा जा रहा है कि जब सरकार की नीति के अंतर्गत दूसरे क्षेत्रों को लाभान्वित करने का काम किया गया है तो फिर इस क्षेत्र को लेकर भी मानसिकता बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वैसे भी यह क्षेत्र जनसंख्या के अनुपात में जिले की दूसरी नगर पंचायत के समान पहुंच चुका है और इसलिए पंचायत का अपग्रेड करने के बारे में भी योजना तो बनाई ही जानी चाहिए। ऐसा होने पर चित्र को कई प्रकार से लाभ हो सकते हैं।
















