
काठमांडू। नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने चेतावनी दी कि युवाओं के असंतोष को नजरअंदाज करने से एक और विद्रोह भडक़ सकता है। पिछले साल 12 सितंबर को अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं कार्की ने कहा कि कोई भी राष्ट्र युवाओं को नजरअंदाज करके प्रगति नहीं कर सकता है। गुरुवार को काठमांडू में नेपाली सेना के पवेलियन में 76वें लोकतंत्र दिवस समारोह के दौरान कार्की ने कहा कि लोकतंत्र को परिणाम देना चाहिए, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
पिछले साल सितंबर में जेन जी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए, जिसने केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को उखाड़ फेंका। कार्की ने कहा, उस आंदोलन ने भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और भेदभाव के अंत की मांग की। इसने अच्छे शासन और समान न्याय की मांग की।उन्होंने कहा, राज्य को इस पर न केवल उदारता से बल्कि विनम्रता और गहरी जिम्मेदारी के साथ प्रतिक्रिया देनी चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं के असंतोष को नजरअंदाज करने से एक और विद्रोह भडक़ सकता है। युवाओं में ऊर्जा, परिवर्तन की आकांक्षा और नैतिक क्रोध है।


























