
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न एलपीजी संकट से लोग परेशान हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में शुक्रवार को भी गैस एजेंसियों के गोदामों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतार दिखी। राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में सिलिंडरों की आपूर्ति बंद कर दी गई है।
कालाबाजारी रोकने के प्रयास तेज
एलपीजी का पर्याप्त भंडार होने के बाद भी संकट को देखते हुए कालाबाजारी रोकने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 1483 स्थानों पर निरीक्षण व छापेमारी की गई। 24 लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुआ तो छह लोग पकड़े गए हैं। बिहार में भी चार की गिरफ्तारी हुई है।
इस बीच, बठिंडा रिफाइनरी ने एलपीजी का उत्पादन तीन गुना बढ़ा दिया है। पहले यहां एलपीजी का उत्पादन प्रतिदिन एक हजार टन होता था, जो तीन हजार टन हो गया है।
यूपी में कालाबाजारी रोकने के लिए टीम गठित
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रवर्तन टीमों ने 1483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की है। गड़बड़ी पर एलपीजी वितरकों के विरुद्ध चार एफआइआर दर्ज की गई, वहीं एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी 20 एफआइआर दर्ज कराई गई है।
छह लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। इसके अलावा 19 व्यक्तियों के विरुद्ध अभियोजन की कार्रवाई की गई है। हालात पर नजर रखने के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश में 4108 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के सापेक्ष सिलिंडर रिफिल की डिलीवरी कराई गई।
लोग अफवाहों से बचकर रहें
वितरकों के यहां एलपीजी सिलिंडरों का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध है। वहीं भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलिंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति प्रदान की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो।


























