कोरबा गोलीकांड: जांच को लेकर पुलिस और CAF में तालमेल की कमी

KORBA Chhattisgarh: कोरबा में 10 सितंबर को हुए गोलीकांड में अब जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना में 13वीं बटालियन के कांस्टेबल शेशराम बिंझवार ने अपनी इंसास राइफल से चाचा ससुर और साली पर तीन राउंड फायरिंग की थी। घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।

जांच की जिम्मेदारी को लेकर असहमति
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर ने कहा कि गोली चलाने वाला CAF का कांस्टेबल था, इसलिए जांच 13वीं बटालियन बागों की टीम करेगी। लेकिन 13वीं बटालियन बागों के एसपी पंकज चंद्रा ने कहा कि जांच के लिए पुलिस विभाग से कोई प्रतिवेदन नहीं मिला है, जिससे जांच की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी है।

जांच की गंभीरता पर सवाल
अब सवाल यह उठ रहा है कि इंसास राइफल से चली गोली की जांच को लेकर पुलिस और CAF कितनी गंभीर है। सामान्य प्रक्रिया के अनुसार पहले स्तर पर जांच पुलिस अधिकारी करते हैं और उसके बाद CAF की टीम तकनीकी जांच करती है। लेकिन इस मामले में दोनों के बीच तालमेल की कमी दिखाई दे रही है।

आगे की कार्रवाई
देखना होगा कि पुलिस और CAF इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करते हैं और जांच की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है। घटना के समय शस्त्र विभाग से ड्यूटी पर मिलने वाले खबरीलाल की भूमिका भी जांच का विषय हो सकती है।

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