
फरीदाबाद, २८ नवंबर ।
जिले की सडक़ों पर चल रहे जुगाड़ वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। जुगाड़ वाहन में पाइप, सरिया, लोहा, रेत, बजरी व ईंट आदि की ढुलाई की जाती है। अब कोहरा शुरू होने वाला है। ऐसे वाहन सडक़ हादसों का बड़ा कारण बनते हैं, क्योंकि ऐसे वाहन नियमों की खूब धज्जियां भी उड़ाते रहते हैं।जुगाड़ के वाहनों में पर रिफ्लेक्टर व लाइट भी नहीं होती। इसलिए यह दिखाई भी नहीं देते। हाईवे समेत अन्य लिंक मार्गों पर इन वाहनों की भरमार है। सुरक्षित यातायात को लेकर दैनिक जागरण के अभियान के तहत हम सातवीं किस्त में जुगाड़ वाहनों पर केंद्रित रिपोर्ट में बताएंगे कि किस तरह अन्य वाहन चालकों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं और प्रशासन को ठेंगा दिखा रहे हैं। अब तो जुगाड़ वाहन मोटरसाइकिल के पीछे भी लोहे की बाडी लगाकर बनाए जा रहे हैं। इनकी संख्या एकाएक बढ़ गई है। एक अनुमान के अनुसार 20 हजार से अधिक बाइक को जुगाड़ वाहन का रूप दे दिया है। यहां तक कि इनके आगे-पीछे नंबर प्लेट भी गायब रहती है। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले इन वाहनों को रोकने से जिला पुलिस विफल साबित हो रही है। जुगाड़ वाहनों का चूंकि पंजीकरण ही नहीं होता तो बीमा कहां से हो। इन वाहनों के पास कोई दस्तावेज नहीं होता। ऐसे में हादसा होने पर पीडि़त को कोई क्लेम तक नहीं मिल पाता। बाइक से बने इन जुगाड़ वाहनों में क्षमता से ज्यादा सामान भी लदा जाता है। रात के समय में यह वाहन राहगीरों के लिए ज्यादा खतरनाक होते हैं। कई बार अंधेरे में न दिखाई देने पर हादसे हो जाते है। अधिकतर की नंबर प्लेट गायब रहती है। ऐसे वाहन काला धुआं छोड़ते हुए सडक़ पर नजर आते हैं। ऐसे वाहन अपने वाहन के प्रदूषण की भी जांच नहीं कराते। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे चालक इन वाहनों पर ओवरलोड सामान लादकर पुलिसकर्मियों के सामने से भी गुजरते हैं। इसके बावजूद अधिकारी अनजान बने है। ऐसा प्रतीत होता है कि इन वाहनों पर पुलिस और परिवहन विभाग के कोई नियम लागू नहीं होते हैं।आम वाहनों के लिए रोड टैक्स, इंश्योरेंस, फिटनेस सहित तमाम तरीके टैक्स देय होते हैं लेकिन इन वाहनों के चालक कोई टैक्स नहीं देते। नए वाहन एक्ट के अनुसार सडक़ पर बिना पंजीकरण कोई गाड़ी चलाना अपराध है। दावा किया जाता है कि वायु प्रदूषण करने वाली गाडिय़ां तो कतई नहीं चलेंगी लेकिन यह सब हो रहा है। जुगाड़ वाहन वातावरण को भी प्रदूषित करते हैं। बिना दस्तावेज वाले वाहनों के चालान होने चाहिएबाइक का कामर्शियल प्रयोग किया जा रहा है। इस तरह के वाहनों की धरपकड़ की जा रही है। चालान भी हो रहे हैं। सख्ती और बरती जाएगी।-मुनीश सहगल, सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण


















