
जांजगीर-चांपा। जिले के पीडीएस दुकानों में जालीदार व खराब चावल सप्लाई को लेकर जर्वे के समिति अध्यक्ष शुक्रवार से आमरण अनशन में कचहरी चौक में करने का ज्ञापन सौंपा था। आमरण अनशन की जाकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया।
पहले समझाइश दी गई फिर नहीं मानने पर उसे सुबह घर से उठा ले गई व अगले माह तक अच्छा चावल पीडीएस दुकानों में देने का आश्वासन दिया गया। अनशन स्थगित करने लिखित में आवेदन दिया, तब जाकर उसे छोड़ा गया। श्री सिद्ध बाबा जनकल्याण समिति अध्यक्ष जर्वे (ब) हीरादास महंत ने पीडीएस दुकानों में जालीदार व खराब चावल सप्लाई सहित 7 सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन करने की चेतावनी दी थी। उनका कहना था कि पाखड़ चावल, बिल्ली का टायलेट, कुत्ते का टायलेट, नमक, दाल, लाई, मुर्रा, काकरोच, छोटे-छोटे कोयले का टुकड़ा, सुतली के टुकड़े मिलवाकर दिया जा रहा है। यह सब मिलर्स एवं अधिकारी के मिलीभगत से संभव है।
इसका हीरादाय महंत ने कलेक्टर के नाम मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव तथा कमीश्नर को ज्ञापन सौंपकर गरीबों को साफ सुथरा चावल कार्डधारियों के द्वारा न बेचने की ज्ञापन सौंपा था। अनशन की जानकारी होते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और अनशन करने के पहले ही सुबह से बलौदा पुलिस उसके घर में दबिश दे दी। परिजनों ने कहा कि यह जांजगीर में माधव लॉज में ठहरा है। पुलिस जांजगीर के लॉज पहुंची वहां भी हीरादास नहीं मिला। फिर दोबारा जब गांव जर्वे पहुंची व लोकेशन ट्रेस किया गया तब हीरादास गांव में ही मिला।
उसे तत्काल वहां से उठाकर तहसील ऑफिस ले गए। जहाँ तहसीलदार व खाद्य अधिकारी द्वारा समझाइश दी गई। साथ ही अधिकारियों द्वारा अगले माह पीडीएस दुकानों में साफ व अच्छा चावल सप्लाई करने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद लिखित में अनशन स्थगित किया गया।

















