फर्जी आवेदनों से कोरबा में सियासी हड़कंप: 1500 मतदाताओं के नाम काटने की वायरल सूची ने बढ़ाई टेंशन..साजिश की बू!

विलोपन सूची का वायरल सच: BLO को सुननी पड़ रही खरी-खोटी, जांच के घेरे में ‘फॉर्म-7’

कोरबा। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) प्रक्रिया के बीच कोरबा में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सोशल मीडिया पर 1500 मतदाताओं के नाम विलोपन (हटाने) की एक सूची वायरल हो गई। इस सूची में एक विशिष्ट समुदाय के 98% नाम होने के कारण न केवल मतदाताओं में भारी आक्रोश है, बल्कि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के लिए भी जवाब देना मुश्किल हो रहा है।

साजिश या तकनीकी खेल? कथित आवेदक पहुंचे पुलिस के पास

हैरानी की बात यह है कि जिन राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के नाम पर ये फॉर्म-7 (नाम हटाने हेतु आवेदन) जमा किए गए हैं, उन्होंने स्पष्ट रूप से पल्ला झाड़ लिया है। कथित आवेदकों का कहना है कि उन्होंने किसी के नाम हटाने का आवेदन नहीं दिया है। उनके नाम और ‘एपिक’ नंबर का गलत इस्तेमाल कर फर्जी आवेदन किए गए हैं। अब ये बीएलए अपनी छवि बचाने और विवादों से बचने के लिए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की तैयारी में हैं।

कठघरे में व्यवस्था: BLO की कलम फंसी

BLO का कहना है कि सीधे निर्वाचन शाखा में आवेदन जमा होने और उन्हें पूर्व सूचना न मिलने से स्थिति बिगड़ गई है। क्षेत्र में जाने पर उन्हें मतदाताओं की खरी-खोटी सुननी पड़ रही है। इस ‘पसोपेश’ के कारण अधिकारी सत्यापन करने में कतरा रहे हैं, क्योंकि बिना ठोस आधार के नाम हटाना उन पर भारी पड़ सकता है।

प्रशासन की सफाई: “पात्र मतदाता न हों चिंतित”

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम कोरबा, सरोज महिलांगे ने कहा:

“सोशल मीडिया पर वायरल सूची संज्ञान में है। सभी आवेदनों की प्रावधानों के तहत गहन जांच की जाएगी। फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर आवश्यक कार्रवाई होगी। किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटेगा।”

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