
नईदिल्ली [एजेंसी]।केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने धर्मस्थल विवाद को लेकर रविवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर हमला बोला। उन्होंने इसे हिंदू आस्था पर प्रायोजित हमला करार दिया। जोशी ने एक्स पर पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रसिद्ध धर्मस्थल मंदिर के आसपास की घटना को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया ताकि मंदिर की छवि को धूमिल किया जा सके।उन्होंने लिखा, धर्मस्थल मामला हिंदू आस्था पर प्रायोजित हमले के रूप में उजागर हुआ है। कांग्रेस सरकार ने इस मामले में कूदकर अपने टूलकिट का पूरा उपयोग किया ताकि प्राचीन हिंदू मंदिर को बदनाम किया जा सके। जोशी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने आरोपों की सत्यता की जांच किए बिना उन्हें चर्चा में हावी होने दिया। सरकार ने बिना किसी बुनियादी जांच के इसे बढऩे दिया। उन्होंने कहा कि नकाबपोश व्यक्ति से लेकर पूरी तरह से फंडेड यूट्यूबर्स तक, बिना सत्यापित दावे किए गए और एक प्राचीन मंदिर को 15 दिनों तक मीडिया का तमाशा बना दिया गया। बिना पुष्टि वाले दावे, नकाबपोश लोगों और यूट्यूबर्स के जरिये मंदिर की गरिमा को चोट पहुंचाई गई।
कांग्रेस ने इस मामले में लापरवाही से काम किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह पूरा विवाद किसी के इशारे पर रचा गया था, सरकार ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। इस टूलकिट को चलाने वालों और फंडिंग करने वालों की जिम्मेदारी तय कैसे होगी।उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। यह विवाद तब शुरू हुआ जब शिकायतकर्ता सीएन चिन्नैयाह ने दावा किया कि धर्मस्थल में महिलाओं के साथ यौन शोषण किया गया। धर्मस्थल में कई शवों को दफनाया गया, जिनमें यौन हमले की शिकार महिलाओं के शव भी शामिल थे। हालांकि पुलिस ने उसे झूठी गवाही देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।-धर्मस्थल मंदिर से संबंधित मानहानिकारक वीडियो प्रसारित करने के आरोप में दर्ज मामले में यूट्यूबर समीर एमडी रविवार को पुलिस के समक्ष पेश हुआ। इससे पहले पुलिस ने उसके बेंगलुरु स्थित किराये के आवास और बेल्लारी में उसके घर पर नोटिस चिपकाए थे, जिसमें उसे पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया गया था।समीर तीन वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपना बयान दर्ज कराया।