
रांची। रांची जिले में प्री-एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं और उनकी श्रेणी के अनुसार आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है।जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मैपिंग का कार्य जारी है। निर्वाचन कार्यालय द्वारा मतदाताओं को जन्म तिथि, जन्म स्थान और नागरिकता के आधार पर श्रेणी-ए से श्रेणी-ई तक वर्गीकृत किया गया है। इसी वर्गीकरण के अनुसार बीएलओ मतदाताओं से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी ले रहे हैं।निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि प्री-एसआईआर के दौरान मतदाताओं पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है और न ही दस्तावेज जमा करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, राज्य में जब औपचारिक रूप से एसआइआर की प्रक्रिया लागू होगी, तब मतदाताओं को दस्तावेज उपलब्ध कराने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए यह पूर्व तैयारी की जा रही है। फिलहाल बीएलओ अपने स्तर पर तैयारी और जानकारी संकलन का कार्य कर रहे हैं। इस चरण में आम मतदाताओं को किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जिन मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें श्रेणी-ए में रखा गया है। ऐसे मतदाताओं से किसी अतिरिक्त दस्तावेज की मांग नहीं की जा रही है, केवल 2003 की मतदाता सूची के प्रासंगिक अंश का सत्यापन किया जा रहा है। वहीं, जिन मतदाताओं का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है और जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में हुआ है, उन्हें श्रेणी-बी में रखा गया है। ऐसे मतदाताओं को अपनी जन्म तिथि या जन्म स्थान प्रमाणित करने से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच भारत में जन्मे मतदाता श्रेणी-सी में शामिल हैं। इन मतदाताओं को स्वयं या माता-पिता में से किसी एक के दस्तावेज जमा करने होंगे। यदि माता या पिता का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है, तो केवल उसी सूची के प्रासंगिक भाग को संलग्न करना पर्याप्त होगा।2 दिसंबर 2004 के बाद भारत में जन्मे मतदाताओं को श्रेणी-डी में रखा गया है। ऐसे मामलों में मतदाता के साथ-साथ माता और पिता दोनों के दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं। यदि माता-पिता में से कोई भारतीय नागरिक नहीं है, तो उनके वैध पासपोर्ट और वीजा की प्रति भी उपलब्ध करानी होगी।
भारत के बाहर जन्मे और पंजीकरण या देशीयकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले मतदाता श्रेणी-ई में शामिल हैं। ऐसे मतदाताओं को भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म पंजीकरण प्रमाण पत्र या नागरिकता पंजीकरण प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।


















