
भुवनेश्वर। ओडिशा के छह दिवसीय दौरे पर आयी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जगन्नाथ महाप्रभु का दर्शन करने, बालेश्वर फकीर मोहन विश्व विद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के बाद अपने गृह जिले मयूरभंज का तीन दिवसीय दौरा सम्पन्न कर भुवनेश्वर लौट आयी हैं।शनिवार को अपना दौरा सम्पन्न कर राष्ट्रपति छत्तीसगढ़ जाएंगी।
इसी क्रम में राष्ट्रपति भुवनेश्वर आने से पहले शुक्रवार को अपने गृह जिले में एक विशेष कार्यक्रम में भाग लिया और यहां पर गुडुगुडिया, अष्टकुआंरी, बारेहिपानी सहित आसपास की पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीणों से संवाद किया।इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं, जीवनशैली और चुनौतियों पर ना सिर्फ विस्तार से चर्चा की बल्कि जंगल के दुर्गम और आंतरिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपने अधिकार और समस्याओं को लेकर खुलकर सामने आने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए इसे अपनाने पर विशेष जोर दिया।राष्ट्रपति ने वन क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों में परिवार का पालन-पोषण कर रही महिलाओं से भी अपील की कि वे चुप न रहें और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना सीखें, अन्यथा उपेक्षा का शिकार होना पड़ेगा।

























