
बिजली काट देने से अंधेरे का लाभ ले रहे अराजक तत्व
कोरबा। एनटीपीसी कोरबा द्वारा अपने स्थापना काल में ही बड़े भूभाग पर भगवान सर्वेश्वर का मंदिर निर्मित कराया गया। जिस मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ो लोग दर्शन करने आया करते थे अब वह मंदिर और उसमें विराजमान सर्वेश्वर, भक्तों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रबंधन की उपेक्षा के कारण आबाद रहने वाला मंदिर प्रांगण अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है
दर्री कोरबा में स्थापित एनटीपीसी संयंत्र जो भारत ही नहीं बल्कि बांग्लादेश को भी रोशन करने के लिए बिजली की आपूर्ति कर रहा है ,वही एनटीपीसी प्रबंधन चार दशक पूर्व प्रगति नगर में स्वयं द्वारा प्राण प्रतिष्ठित कराए गए भगवान सर्वेश्वर मंदिर को रोशन करने के लिए बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। मुझे भरोसा है कि आप भी कभी दर्री डेम के नजदीक प्रगति नगर में निर्मित भगवान सर्वेश्वर के मंदिर में दर्शन कर यहां के सुसज्जित उपवन में बच्चों के साथ अवश्य पधारे होंगे। कभी हंसदेव नदी के तट पर बने जिस भगवान सर्वेश्वर के प्रांगण मैं पहुंच कर लोग रूहानी और जिस्मानी आनंद की अनुभूति करते थे अब वही परिसर लोगों की प्रतीक्षा करते-करते थक गया है। एनटीपीसी प्रबंधन ने ना केवल यहां के उपवन यानी गार्डन को सर्वनाश होने के लिए छोड़ दिया है बल्कि मंदिर परिसर को रोशन करने के लिए बिजली की आपूर्ति भी बाधित कर दी है। अब यहां हमेशा अंधेरा रहता है। इस परिसर में प्रति मंगलवार कुछ लोग आते हैं नदी से पानी लाकर भगवान का मंदिर धोते हैं। ऐसे लोग बताते हैं कि एनटीपीसी प्रबंधन के अलावा अन्य जिम्मेदार विभाग के लोग भी आंखेंमूंदे बैठे हैबताया जाता है एनटीपीसी की स्थापना काल में यह क्षेत्र खूब आबाद था ।प्रगति नगर के नाम से इस क्षेत्र की अलग पहचान थी। यहां सीआईएसएफ का कैंप था। बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी यहां निवास करते थे। जहां लोग आकर ईश वंदना किया करते थे, जहां के शानदार गार्डन में बच्चों के साथ किलोल किया करते थे अब वहां की ये स्थित है की एक गाय माता मंदिर परिसर में घूमते घूमते प्राण छोड़ देती हैं। उनकी मृत देह यहां से उठाकर उसे दफनाने के लिए भी यही चंद श्रद्धालु नगर निगम की मदद लेते हैं तब जाकर गौ माता की देह को धरती मां की गोद मिलती है। मंदिर का गर्भ गृह जहां भगवान विष्णु माता सीता भ्राता लक्ष्मण और परम भक्त हनुमान जी के साथ भगवान श्री राम जगत के तारण हार राधा कृष्ण और भगवान भोलेनाथ विराजित किए गए हैं वहां की दुर्दशा तो अवर्णनीय है। छत टूट रही है दीवारें दरक गई हैं , मूर्तियों के आसपास फर्श टूट गया है । इस मंदिर के पुजारी बताते हैं कि कई बार एनटीपीसी प्रबंधन से याचना की गई किंतु मंदिर को लेकर वहां से सिर्फ दुत्कार मिलती है। गौरतलब है कि भारत में इस समय हिंदुओं के पूजा स्थल सर्वाधिक चर्चा में है केंद्र राज्य और स्थानीय स्तर पर वही लोग शासन कर रहे हैं जिन्हें सनातन धर्म का सबसे बड़ा चितेरा माना जाता है। जिन्हें सनातन धर्म का आज की तारीख में सबसे बड़ा प्रहरी माना जाता है। भारतीय जनता पार्टी के इसी शासनकाल में एनटीपीसी प्रबंधन एक विख्यात मंदिर और उसके परिसर का किस तरह अपमान कर रहा है इसका अवलोकन आपने भी कर लिया है । अब देखना है कि मंदिर में विराजित भगवान सर्वेश्वर की पूजा अर्चना और परिसर की देखभाल के लिए कोई व्यवस्था किसी के द्वारा की जाती है अथवा नहीं।

























