
डॉक्टरों ने कहा- भरपूर सतर्कता बरतने की है जरूरत
कोरबा। औद्योगिक जिले कोरबा में मशीनीकरण के बीच प्रदूषण की उपस्थिति सर्वकालिक समस्या बनी हुई है। इसके समाधन पर संक्षिप्त कोशिश जारी है और इधर राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने की परंपरा भी। हालत यही की ठंड के मौसम में प्रदूषण का दायरा बढ़ रहा है और श्वसन रोगी मुश्किल में है। अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। कोरबा जिले में नेशनल थर्मल पावर, सीएसईबी ,भारत एल्युमिनियम कंपनी, अदानी पावर सहित अनेक उद्योग संचालित है।
बिजली उद्योग चिमनियों के धुएं औऱ कोयला ख़दानों की डस्ट कोरबा जिले में वायु प्रदूषण की स्थिति को लगातार बढ़ाने का काम कर रही है। औद्योगिक विकास की चकाचौंध के बीच इससे उतपन्न समस्या लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर भी डाल रही है। प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर हमने मेडिकल कॉलेज कोरबा के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ शशिकांत भास्कर से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में कोहरा के साथ डस्ट मिलकर गम्भीर स्थिति पैदा करती है। इसके कारण बच्चों से लेकर उम्र दराज लोगों को समस्या होती है । डॉ शशिकांत ने बताया कि साइनस एलर्जी और अस्थमा जैसे मामलों में समस्याएं इस मौसम में ज्यादा बढ़ती है। जबकि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग निमोनिया की जद में आ जाते हैं। मौजूदा स्थिति में इनहेलर वाले केस की संख्या बढ़ी है।
कोरबा जैसे प्रदूषण जनित क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को लेकर चिकित्सकों ने लोगों को सावधान किया है। उनका कहना है कि ऐसे लोगों को गर्म पानी का उपयोग करने से लेकर अपने खान-पांन के मामले में विशेष सतर्कता दिखानी चाहिए। व्यापक संदर्भ को देखते हुए लोगों को जागरूक करने के इरादे से पिछले कई वर्षों से 2 दिसंबर को प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जा रहा है। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ इस बात को स्वीकार करते हैं कि वैश्विक परिदृश्य में वायु प्रदूषण आज सबसे बड़ा साइलेंट किलर’ बन चुका है। इससे दिल, फेफड़े, आँखें और दिमाग तक प्रभावित होते हैं। लगातार बढ़ता धुआं, धूल और रसायन बच्चों और बुजुर्गों के लिए और भी ज्यादा नुकसानदेह है। अस्थमा, एलर्जी, हार्ट अटैक और कैंसर तक का खतरा बढ़ रहा है। इस तरह की तमाम परिस्थितियों में प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाने की सार्थकता तब साबित होगी जब हर कोई अपने आसपास के खतरों को समझें और उसके हिसाब से व्यवहार करें ।


















