
राहौद। नगर पंचायत राहौद में पारंपरिक आस्था और उल्लास के साथ गौरा-गौरी पूजा का आयोजन हुआ। यह पर्व क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का माध्यम है और नगरवासियों ने बड़ी संख्या में इसमें भाग लिया। सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पूजा की तैयारी में जुट गईं। ढोल-नगाड़ों और लोकगीतों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद नगर के विभिन्न मार्गों पर शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें लोग पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेने उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
पूजा के समापन पर गौरा-गौरी का विसर्जन किया गया। नगर पंचायत के अधिकारियों और समाजसेवियों ने व्यवस्था बनाए रखी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की। इस दौरान देवी-देवताओं के जयकारे गूंजे और स्थानीय संस्कृति का आनंद उठाया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि गौरा-गौरी पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और सामूहिक उत्सव का अवसर भी है। इस आयोजन से बच्चों और युवाओं में अपनी सांस्कृतिक पहचान को समझने और अपनाने की भावना मजबूत होती है।

























