फूलों की होली और भजनों की रसधार में सराबोर हुआ राधा-कृष्ण प्रेम मंदिर प्रेमाबाग

कोरिया/बैकुंठपुर। होली के पावन अवसर पर राधा-कृष्ण प्रेम मंदिर, प्रेमाबाग बैकुंठपुर में शुक्रवार 6 मार्च 2026 को एक भव्य और भक्तिमय आयोजन का आयोजन किया गया। राधे-राधे परिवार बैकुंठपुर द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में शहर की बड़ी संख्या में माता-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शाम 4 बजे से प्रारंभ होकर शाम 7 बजे तक चले इस आयोजन में फूलों की होली, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे पर फूल बरसाकर होली का पर्व मनाया और एक-दूसरे को होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। फूलों की होली की इस अनूठी परंपरा ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। मंदिर परिसर में राधा-कृष्ण स्वरूप की सुंदर झांकी सजाई गई थी, जिसने सभी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। झांकी के समक्ष फूलों की वर्षा के बीच श्रद्धालु महिलाएं भक्ति और पारंपरिक होली गीतों पर झूमती नजर आईं। समारोह का विशेष आकर्षण राधा-कृष्ण की आकर्षक झांकी रही। बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई मनमोहक झांकी और उनकी भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों की मासूम अभिव्यक्ति और उनकी भक्ति भावना को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धा, उल्लास और प्रेम का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान राधा-कृष्ण के भजनों पर महिलाओं ने सामूहिक नृत्य भी प्रस्तुत किया। ‘आज ब्रज में होली है ओ रसिया ‘होली खेले रघुवीरा ‘ ‘होली में उड़े रे गुलाल’ और ‘मत मारो पिचकारी’ जैसे पारंपरिक होली भजनों की स्वर लहरियों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। भजनों की धुन पर महिलाएं और श्रद्धालु झूमते हुए नजर आए। फूलों की वर्षा और भक्ति संगीत के साथ यह आयोजन सभी के लिए यादगार बन गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में रंग-बिरंगे फूलों की वर्षा, भजनों की गूंज और श्रद्धालुओं की खुशी ने एक आध्यात्मिक माहौल का निर्माण किया। महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी और उनकी एकजुटता इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही। कार्यक्रम में शामिल सभी महिलाओं ने प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ इस पर्व को मनाया। आयोजक राधे-राधे परिवार बैकुंठपुर ने कार्यक्रम में शामिल सभी माता-बहनों को होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि रंग और उमंग से भरा यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियों की बहार लेकर आए। साथ ही उन्होंने समाज में प्रेम, भाईचारा और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की बात कही। आयोजकों ने यह भी कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, आपसी प्रेम और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। भविष्य में भी इसी प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जोडऩे और परंपराओं को जीवंत रखने का प्रयास जारी रहेगा। यह आयोजन न केवल होली के उत्साह को दर्शाता है बल्कि भक्ति, संस्कृति और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।

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