
ग्रेटर नोएडा, 03 फरवरी ।
बांदा जेल से निकलने के बाद से गायब स्क्रैप माफिया रवि काना का सुराग पुलिस को नहीं लग रहा है। छह टीमें बांदा, दिल्ली समेत आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। एक टीम नेपाल बॉर्डर के आसपास निगरानी कर रही है। रवि काना पर स्क्रैप कारोबार की आड़ में कई गंभीर आपराधिक वारदात अंजाम देने का आरोप है। दावा है कि आरोपी की जिस समय रिहाई हुई दो गाडिय़ों से परिजन व करीबी पहले ही पहुंच चुके थे। इनमें से ज्यादातर के मोबाइल फोन बंद हैं।जेल से निकलने के बाद रवि काना किस कार में बैठा पुलिस की टीम ट्रेस करने में जुटी हुई है। गिरोह के सदस्य फिर से सक्रिय हो सकते हैं। उन पर भी पुलिस की नजर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रवि काना के स्क्रैप कारोबार का दायरा नोएडा समेत पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं था। बल्कि हरियाणा और राजस्थान तक ठेके जबरन लेता था। उसने कई राज्यों में गुर्गे पाल रखे थे। कोई स्क्रैप नहीं देना चाहता था तो गिरोह के सदस्य जान से मारने की धमकी देते थे। ज्यादातर मामलों में लोगों से वसूली भी गिरोह के सदस्य ही करते थे।






















