
शिमला। सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल चमियाणा के बाद अब इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (आइजीएमसी) शिमला में भी फरवरी के अंत तक रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारी है। अस्पताल में इसके लिए रोबोट पहुंच गए हैं। आइजीएमसी के बी ब्लाक में सीटीवीएस विभाग के आपरेशन थियेटर में रोबोटिक सिस्टम स्थापित किया जा रहा रहा है।
अटल सुपर स्पेशिलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा और मेडिकल कालेज टांडा में पहले ही मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
28 करोड़ से खरीदी रोबोटिक सर्जरी मशीन
रोबोटिक सर्जरी मशीन 28 करोड़ रुपये में खरीदी गई है। रोबोटिक सर्जरी तब होती है, जब सर्जन सर्जरी के लिए रोबोटिक डिवाइस का उपयोग करता है।
कैसे काम करती है रोबोटिक मशीन
डिवाइस में एक रोबोटिक हाथ होता है, जो छोटे सर्जिकल उपकरणों को पकड़ सकता है। आपका सर्जन कंट्रोलर और एक व्यूइंग स्क्रीन का उपयोग करके रोबोटिक हाथ को चलाता है। रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को कम दर्द, तेजी से स्वस्थ होने और संक्रमण के खतरे से राहत दिलाएगी। रोबोटिक सर्जरी के दौरान सर्जन को थ्रीडी बेहतर दृश्य चित्रण मिलता है। इससे शरीर के भीतर के क्षेत्रों को सर्जन आसानी से देख पाते हैं। रोबोटिक सर्जरी आम तौर पर छोटे चीरों के माध्यम से की जाती है। इससे कम दर्द, कम रक्तस्राव व तेजी से रिकवरी होती है।




























