
मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा किसानों से किये गये वादों से पीछे हटने को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी का स्पष्ट वादा किया था लेकिन अब सरकार उसी वादे से मुकरती नजर आ रही है। पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले में कलेक्टर के मौखिक आदेश के आधार पर किसानों से केवल 18 और 16 क्विंटल प्रति एकड़ धान की ही खरीदी की जा रही है। यह निर्णय किसानों के साथ सीधा अन्याय है जिससे वे भारी आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि किसान खेतों में दिन-रात मेहनत कर फसल उगाता है। बीज, खाद, दवाई, सिंचाई और मजदूरी के लिये कर्ज लेकर खेती करता है। इस उम्मीद में कि सरकार उसकी पूरी उपज खरीदेगी और उसे उसकी मेहनत का पूरा मूल्य मिलेगा लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों के चलते आज किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। श्री कमरों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किये जाते हैं लेकिन सत्ता में आते ही किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह जनविरोधी है और इससे किसानों का सरकार से भरोसा टूट रहा है। पूर्व विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही अपने घोषणा पत्र के अनुसार 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का निर्णय लागू नहीं किया तो किसानों के हित में कांग्रेस पार्टी आंदोलन करने को बाध्य होगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि बिना किसी भेदभाव के सभी किसानों से पूरा 21 क्विंटल धान खरीदा जाये और किसानों को उनका हक दिलाया जाये।


















