
मुंबई। शिवसेना के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत को भाषणों में मुद्दा उठाने के बजाय भाजपा सरकार से सीधे विनायक दामोदर सावरकर को भारत रत्न देने के लिए कहना चाहिए। राउत ने कहा, ‘जब केंद्र में उनकी ही सरकार है और स्वयंसेवक सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर हैं, तो सावरकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया जाता , लाखों स्वयंसेवकों ने इस सरकार को सत्ता में लाने के लिए काम किया है। मोहन भागवत को यह बात सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से कहनी चाहिए, न कि मंच से भाषण में।’ यह मुद्दा तब प्रमुखता में आया जब आरएसएस प्रमुख ने मुंबई में 100 ईयर्स ऑफ संघ जर्नी-न्यू होराइजन्स कार्यक्रम में कहा कि सावरकर को भारत रत्न देने से इस सम्मान की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। राउत ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के ढांचे की भी आलोचना की और अच्छे दिन नहीं आने के लिए संघ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को तो अच्छे दिन मिले, लेकिन देश को नहीं। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका की शर्तों के आगे झुक गया है और इसकी जिम्मेदारी संघ नेतृत्व को लेनी चाहिए।


























