रायपुर, २० अगस्त ।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए तीन नए चेहरों को शामिल किया। राजभवन में आयोजित गरिमामय समारोह में विधायक राजेश अग्रवाल, खुशवंत साहेब और गजेंद्र यादव ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली। राजभवन में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृज मोहन अग्रवाल, सभी कैबिनेट मंत्री, विधायक, भाजपा कार्यकर्ता और अन्य जनप्रतिनिधियों ने नए मंत्रियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। वहीं नए मंत्रियों के समर्थकों ने आतिशबाजी की, जिंदाबाद के नारे लगाए।
सूत्रों के मुताबिक, शपथ लेने के बाद तीनों को दिल्ली बुलाया गया है। तीनों नए मंत्रियों के लिए स्टेट गैरेज से 3 कार राजभवन पहुंची हैं, जिसमें बैठकर मंत्री वापस जाएंगे। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ कुल 11 मंत्री कार्यरत थे। आज के शपथ ग्रहण के बाद अब छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल में कुल 14 मंत्री हो गए हैं। यह राज्य की राजनीति के इतिहास में पहली बार है जब कुल 14 मंत्रियों का मंत्रिमंडल बना है। संविधान के मुताबिक, 90 विधानसभा सीट वाले छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल की संख्या अधिकतम 15 प्रतिशत तक ही सीमित रह सकती है, यानी अधिकतम 13 मंत्री बनाए जा सकते थे। लेकिन इस बार हरियाणा में लागू फार्मूले को अपनाते हुए छत्तीसगढ़ में भी 14 मंत्री बनाए गए हैं। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं। शपथ ग्रहण समारोह पूरी तरह से पारंपरिक और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सभी कैबिनेट मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, सांसद बृज मोहन अग्रवाल सहित सभी विधायक, जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद है। शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल, सीएम ने नए मंत्रियों को शुभकामनाएं दी।
बीजेपी संगठन के अनुसार, नए मंत्रियों की कैबिनेट में एंट्री होगी, लेकिन मौजूदा मंत्रियों के विभाग या पद में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि वर्तमान टीम से किसी को बाहर नहीं किया जाएगा। हालांकि पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों में लक्ष्मी राजवाड़े, दयालदास बघेल और टंकराम वर्मा को लेकर अटकलें चल रही थीं, लेकिन अब ऐसे संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं। ये नाम उन अनुभवी बीजेपी विधायकों के लिए एक बड़ा झटका हैं, जो पिछली सरकारों में मंत्री थे और वर्तमान में बिना किसी पद के हैं। इनमें पूर्व स्पीकर धरमलाल कौशिक, पूर्व वित्त मंत्री अमर अग्रवाल, पूर्व पंचायत और स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर और कई अन्य शामिल हैं। बीजेपी ने स्पष्ट रूप से युवा पीढ़ी को मंत्रिमंडल में बढ़ावा दिया है, जबकि पार्टी के बुजुर्ग नेताओं को निराश किया है।