
एमसीबी,जनकपुर। एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत सीमावर्ती जीवनदायिनी नदियों ओदारी और मवई नदी को रेत माफिया सीना छलनी कर रहे है। रेत माफिया खुलेआम बड़ी बड़ी मशीनों को नदी में उतारकर दिन रात रोजाना रेत का अवैध उत्खनन कर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी वाहनों से खुलेआम परिवहन किया जा रहा है। वहीं लगातार शिकायतों के बावजूद रेत माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों का रवैया लगातार उदासीन बना हुआ है। जिससे भरतपुर क्षेत्र में रेत माफियाओं की सक्रियता इन दिनों लगातार बढ़ते जा रही है। क्षेत्र में रेत माफिया बेखौफ होकर एनजीटी नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए माउन्टेन एवं पोकलेन मशीन को ओदारी एवं मवई नदी में उतारकर खुलेआम नदी का सीना छलनी कर रहे है। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को होने के बावजूद वे चुप्पी साधे बैठे हुए हैं। जिससे सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। शिकायतें होने पर भी रेत माफियाओं के खिलाफ प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, जिससे भरतपुर क्षेत्र के सीमावर्ती ओदारी एवं मवई नदी में जारी रेत के अवैध उत्खनन पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से ओदारी एवं मवई नदी का सीना छलनी कर रेत का अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले बुलंद है जिससे रेत माफिया लगातार रेत का अवैध उत्खनन करने में जुटे हुए हैं। सूत्रों की माने तो रेत माफियाओं की राजनीतिक व प्रशासनिक पकड़ अच्छी होने से ये रेत माफिया भरतपुर ब्लाक के ओदारी और मवई नदी से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन कर राजस्व को चूना लगा रहे हैं, वहीं जिम्मेदार अधिकारी भी इसे नजर अंदाज कर अनुचित लाभ ले रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक रेत के अवैध उत्खनन का स्थानीय ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जाता है तो ये रेत माफिया राजनीतिक दल के नेताओं, जन प्रतिनिधियों एवं प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से अच्छी पकड़ और मैनेजमेंट इतना तगड़ा है कि इनके खिलाफ उठने वाली ग्रामीणों की आवाज को दबा दिया जाता है। वहीं जिम्मेदारों द्वारा रेत माफिया के बिरुद्ध अब तक किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिससे भरतपुर के ओदारी और मवई नदी से रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन कार्य जोरों पर चल रहा है।





















