
शिमला, 0३ दिसम्बर ।
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला की संजौली मस्जिद के मामले में बुधवार सुबह हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने मस्जिद की निचली दो मंजिल को लेकर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट में मामले में अगली सुनवाई मार्च में होगी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दूसरी मंजिल से ऊपर की मंजिलें गिरानी होगी। जिन मंजिलों को गिराने का वादा खुद किया था, उन्हें गिराना ही होगा। यदि नहीं गिराई तो नगर निगम इन्हें गिराने के लिए स्वतंत्र होगा। संजौली मस्जिद मामले में वक्फ बोर्ड की ओर से जिला अदालत के मस्जिद को ढहाने के आदेश के खिलाफ हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका की गई थी। जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस याचिका पर न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की एकलपीठ ने सुनवाई की। इससे पहले सोमवार हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा बहुचर्चित संजौली मस्जिद को अवैध ठहराते हुए ढहाने के आदेश के खिलाफ दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान वक्फ बोर्ड ने इस रिट याचिका को वापस लेने का आग्रह किया था। जिस विवाद के कारण याचिका दायर की गई थी उसी को आधार बनाकर उपयुक्त याचिका दायर करने की छूट मांगी थी। इस याचिका में नगर निगम शिमला को प्रतिवादी बनाया गया है। 30 अक्टूबर को संजौली मस्जिद मामले में शिमला जिला अदालत ने फैसला सुनाया था।
अदालत ने एमसी शिमला के आयुक्त कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए मस्जिद की निचली दोनों मंजिलों को भी अवैध करार देकर 31 दिसंबर तक गिराने का आदेश दिया था।























