
पलारी। गुरूर विकासखंड के ग्राम सनौद में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के एनजीडब्ल्यूडीपी-1 परियोजना अंतर्गत वाटरशेड महोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अमृत सरोवर तालाब में सामूहिक श्रमदान व पौधरोपण से हुई। स्कूली बच्चों ने जल बचाओ भविष्य बचाओ संदेश के साथ जागरूकता रैली निकाली, जिसने पूरे ग्राम में जनजागरूकता का वातावरण बनाया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद सदस्य आशीष ने किया।
कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ बलदेव अग्रवाल व नीतू सोनकर ने पानी की पाठशाला के माध्यम से जल संरक्षण, मिट्टी कटाव की रोकथाम, कुशल सिंचाई पद्धति और बदलते जलवायु परिदृश्य में किसानों के लिए बेहतर प्रबंधन पर जानकारी दी। सहायक संचालक कृषि एवं परियोजना अधिकारी सूर्यनारायण ताम्रकार ने वर्षा जल संचयन, खेत-तालाब, मेडबंदी और कम पानी वाली फसलों दलहन-तिलहन को अपनाने के बारे में बताया। कृषि विकास अधिकारी टीकेन्द्र पटेल ने जलग्रहण क्षेत्र, भू-आकृति आधारित जल प्रबंधन और जलधारा सुधार उपाय का वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत किया। सभी ग्रामीणों ने मिलकर जल शपथ लेकर जल व मिट्टी संरक्षण के प्रति दायित्व निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बच्चों व युवाओं ने चित्रकला, रंगोली और सांस्कृतिक कार्यक्रम में जल संरक्षण थीम पर प्रस्तुति दी।
चेकडैम निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया महोत्सव के दौरान चेकडैम निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। जिससे आने वाले समय में जल संचयन क्षमता बढऩे की उम्मीद है। वाटरशेड मार्गदर्शकों को स्मृति चिन्ह और विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सरपंच दिग्विजयनाथ ठाकुर, सरपंच त्रिलोकी राम साहू, तकनीकी विशेषज्ञ श्रेया सौफिया एक्का सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




















